दिल्ली का रॉबिनहुड गिरफ्तार---क्या हम ऐसे चोरों की तुलना रोबिनहुड से कर सकते है...?,

शातिर चोर इरफ़ान उर्फ़ रोबिनहुड
सन 1990 से लेकर सन 2000 के बीच ‘’ बन्टी ‘’ नामक चोर हुआ करता था जिस ने दिल्ली से
लेकर मुंबई-कोलकाता – बेंगलोर आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर
चोरियां कर के पुलिस के साथ रईसों की नींद भी हराम कर दी थी, अभय देओल अभिनीत
बोलीवुड फिल्म ‘’ ओय लक्की,लक्की ओय ‘’ बन्टी की ही जीवनी पर आधारित थी. हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार
किये गए इरफ़ान नामक चोर को लोग रोबिनहुड का दर्जा दे रहे हैं.बिहार में इरफ़ान के
गावं के लोग तो उसे भगवान और मसीहा तक मानते है.हलाकि ना तो वह रोबिनहुड है और ना
ही मसीहा.हां इतना आवश्य है कि अन्य चोरो को देखते हुए इरफ़ान को उन सबसे अलग रख कर
देखा जा सकता है.
शातिर चोर बन्टी केवल अपने स्वार्थ और एश
परस्ती के लिए चोरियां किया करता था और इरफ़ान चोरी कर के चुराई गई रकम का कुछ भाग
गरीबों और जरूरत मन्दो में बाँट दिया करता था.चाहे कुछ भी कहें कानून की नज़र में
यह एक अपराध है और यही सत्य भी है. इरफ़ान दुवारा अमीरों को लुटकर गरीबों में दान
कर देने से उसके अपराध में कोई कमी नहीं आ जाती है. हां बन्टी की तुलना में उसे
सहानुभूति की नज़रों से आवश्य देखा जा सकता हर पर फिर भी इरफ़ान की तुलना या बराबरी
रोबिनहुड से तो कतई नहीं की जा सकती है. रोबिनहुड और समय-समय पर हुए रोबिनहुड जैसे
लोगों का एक लक्ष्य था और उनका मकसद भी कुछ और ही था वह भी लुट-खसूट करते थे,चोरी
और डकैती भी डालते थे और हत्याएं भी करते थे. और यह सब काम वह अपने किसी
निजस्वार्थ या प्रसिद्धी आदि पाने की खातिर नहीं किया करते थे.
आज से चार साल पहले इरफान
नौकरी की तलाश में बिहार से दिल्ली आया
था। और एक वर्ष से जामिया नगर
इलाके में रह रहा था। जॉब न मिलने पर उसने गारमेंट का बिजनेस शुरू
किया जो फेल हो गया जिसके बाद इरफान ने चोरी करना शुरू कर दियाऔर आज लोग उसे बेवजह रोबिनहुड के नाम से प्रसिद्ध करने का प्रयास कर रहे है. । ये रात के समय पॉश इलाकों
में घूमता था। जिस कोठी में ताला लगा होता था, उसमें सेंधमारी की वारदात करता था।
इरफान ने बताया कि वह दिल्ली, कानपुर, आगरा, जालंधर आदि शहरों में चोरी की वारदात कर चुका है। ये केवल कोठियों में ही चोरी की वारदात करता था। उसने किसी गरीब के घर में कभी चोरी नहीं की।
इरफान ने बताया कि वह नंगे पैर चोरी की वारदात करता था, क्योंकि जूते-चप्पल से आवाज होती है। वह बंटी चोर पर बनी फिल्म को देखकर सेंधमार बना। उसने ज्यादातर सेंधमारी की वारदात अकेले ही की। ये ज्यादातर रकम मुंबई व दिल्ली के पब में खर्च करता था।पब में अपनी पसंद का गाना सुनने के लिए ये दस हजार रुपये तक खर्च कर देता था। ये महंगी गाड़ियों में घूमता था। सोशल मीडिया में आरोपी की जो फोटो हैं, उन्हें देखने से लगता कि आरोपी रईसजादा है।
इरफान ने बताया कि वह दिल्ली, कानपुर, आगरा, जालंधर आदि शहरों में चोरी की वारदात कर चुका है। ये केवल कोठियों में ही चोरी की वारदात करता था। उसने किसी गरीब के घर में कभी चोरी नहीं की।
इरफान ने बताया कि वह नंगे पैर चोरी की वारदात करता था, क्योंकि जूते-चप्पल से आवाज होती है। वह बंटी चोर पर बनी फिल्म को देखकर सेंधमार बना। उसने ज्यादातर सेंधमारी की वारदात अकेले ही की। ये ज्यादातर रकम मुंबई व दिल्ली के पब में खर्च करता था।पब में अपनी पसंद का गाना सुनने के लिए ये दस हजार रुपये तक खर्च कर देता था। ये महंगी गाड़ियों में घूमता था। सोशल मीडिया में आरोपी की जो फोटो हैं, उन्हें देखने से लगता कि आरोपी रईसजादा है।
27 वर्षीय इरफ़ान दिल्ली-राजधानी में रइसों के घर में चोरी करता और गांव में जाकर हेल्थ
कैम्प लगवाता है
ताकि गरीबों का मुफ्त में इलाज करवा सके। औरइतना ही नही वह अपने गांव की आठ लड़कियों की शादी भी लूट के पैसों से करवाकर उनके घर बसा चुका है। पांचवीं क्लास के
बाद ही पढ़ाई छोड़ देने वाले इरफान को दिल्ली के 12 बड़ी चोरियों के
मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जब उसे बिहार के उसके गांव से गिरफ्तार
किया तो उसकी कलाई पर रोलेक्स की कीमती घड़ी थी। जो
उसने दिल्ली में ही एक बंगले में चोरी के दौरान उड़ाई थी। पुलिस जब इरफान को
गिरफ्तार करने उसके गांव पहुंची तो ये जानकर चौंक गई कि गांववाले तो उसे एक
सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जानते हैं। जो समय-समय पर गरीबों के लिए स्वास्थ्य
शिविर लगाता है और गांव वाले उसे उजाला बाबू के नाम से जानते हैं।
इरफान के चोरी करने का भी अलग स्टाइल है। वह केवल रइसों के घर में ही चोरी करता है और वहां से भी केवल महंगे और लक्जरी के सामान ही चुराता था।
इरफान के चोरी करने का भी अलग स्टाइल है। वह केवल रइसों के घर में ही चोरी करता है और वहां से भी केवल महंगे और लक्जरी के सामान ही चुराता था।
इरफान की एक गर्लफ्रेंड भी है जो भोजपुरी फिल्मों की एक्ट्रेस है और इरफान ने गांववालों के साथ इससे भी अपनी पहचान छिपा रखी है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी रोमिल बानिया के अनुसार न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाली राजीव खन्ना की कोठी में 24 मई को चोरी हुई थी। चोर सोने व डायमंड की काफी ज्वेलरी ले गए थे।
वारदात को सुलझाने के लिए ऑपरेशन सेल एसीपी केपी सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार, एसआई परवेज कसाना, अजय कटेवा व योगेश तंवर की विशेष टीम बनाई गई। आरोपी का चेहरा सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। निगेहबाहन स्कीम केतहत पुलिस ने काफी कैमरे लगवाए थे।
पुलिस को जांच में पता लगा कि सीतामणि, बिहार केसेंधमार ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस टीम ने आरोपी सेंधमार इरफान उर्फ उजाला उर्फ आर्यन(27) को उसके गांव जोगिराखेरा, थाना पुपरी, जिला सीतामणि, बिहार से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी केसमय पुलिस को गांववालों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इरफान से पूछताछ केबाद उससे चोरी का सामान खरीदने वाले रिसीवर बिहार निवासी धर्मेन्द्र(30) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सेंधमारी की गिरफ्तारी से सेंधमारी के 12 मामलों को सुलझाने का दावा किया है।
बिहार के रहने वाले इरफान ने चोरियां तो बहुत की हैं लेकिन कभी भी कुछ अपने लिए बचा के नहीं रखा।
इरफ़ान की रंगीनमिजाजिया और अन्य मंहगे शोक
देख कर आप यह कह सकते हैं कि वह आजका रोबिनहुड है.?
- हरमिन्दर कपूर


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