**जिस्म
की चाहत में भाई की हत्या**
![]() |
| प्रतीक चित्र सरिता |
दुनिया
भर के जितने भी नाजायज काम या अपराध होते हैं, वे एकांत मिलते ही अंगड़ाइयां लेने
लगते हैं. धर्मेन्द्र और आशा के साथ भी उस दिन ऐसा ही हुआ. चाहत की आग दोनों ओर से
बराबर लगी थी. आशा
की रह का काँटा उसका अपना भाई बना हुआ था, और उससे छुटकारा पाने की उसने योजना बना
ली थी. आशा के मुंह से अपने भाई से छुटकारा पाने की योजना सुनकर धर्मेन्द्र के
पैरों तले से जमीन खिसक गई थी. वह आशा की इस योजना में शामिल नहीं होना चाहता था
और दोनों पक्षों की रजामंदी से ही शादी करना चाहता था पर आशा ने उसे अपनी बाँहों
में लेकर ऐसा त्रियाचरित्र दिखाया कि वह उसका साथ देने के लिए तैयार हो गया था.
वैसे आशा की योजना दमदार थी अगर योजना सफल रह जाती तो सांप भी मर जाता और लाठी भी
नहीं टूटती.
‘’
देखो धर्म अब पानी सिर से ऊपर बहने लगा है. धर्म भाई ने हम पर पहरा बिठा दिया है,
ताकि हम तुम से ना मिल सके.’’
‘’
लेकिन आशा, इसमें का कीया जा सकता है.?
‘’
अरे तुम कैसन बात करते हो, क्या तुम हम से प्रेम नहीं करते. हम से शादी कर अपना घर
नहीं बसना चाहते.?
‘’वो
सब बात तो ठीक है, पर तुम्हारे भय्या की रजामंदी के बिना ये सब कैसे मुमकिन है.’’?
‘’उसकी
तुम तनिक भी चिंता ना करो. हमने सब योजना बना ली है. बीएस तुम्हें हमारा साथ देना
होगा. इतना तो कर सकते होना.?
‘’वो
सब तो ठीक है पर योजना क्या है.? धर्मेन्द्र ने जब पूछा तो आशा के मुंह से अपने
भाई से छुटकारा पाने की योजना सुनकर धर्मेन्द्र के पैरों तले से जमीन खिसक गई थी.
वह आशा की इस योजना में शामिल नहीं होना चाहता था और दोनों पक्षों की रजामंदी से
ही शादी करना चाहता था पर आशा ने उसे अपनी बाँहों में लेकर ऐसा त्रियाचरित्र
दिखाया कि वह उसका साथ देने के लिए तैयार हो गया था. वैसे आशा की योजना दमदार थी
अगर योजना सफल रह जाती तो सांप भी मर जाता और लाठी भी नहीं टूटती.
गोरख
पुर के बेलघाट एरिया के बसही, बनकट
निवासी अरुण कुमार का मर्डर उसकी छोटी बहन ने
![]() |
| पुलिस हिरासत में आशा और धर्मेन्द्र |
प्रेमी संग मिलकर की थी. बहन के अवैध
प्रेम संबंध पर आपत्ति जताने की वजह उसे अपनी जान गंवानी पड़ी. आरोपित बहन और उसके
प्रेमी को अरेस्ट कर पुलिस ने यह दावा किया है. एसपी साउथ विपुल कुमार श्रीवास्तव
ने बताया कि ब्लेड के दो टुकड़े, एक
चाकू और दुपट्टा बरामद हुआ. बहन ने प्रेमी संग मिलकर पहले भाई का दुपट्टे से गला
कसा फिर खेत में ले जाकर ब्लेड से रेत दिया था. मोबाइल सर्विलांस की मदद से पुलिस
घटना के पर्दाफाश में कामयाब रही. भूमि विवाद की रंजिश में कत्ल के आरोप में पकड़े
गए बेकसूर लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया था..
बसही
निवासी अरुण की डेडबॉडी दिनांक 1-2-2019 शुक्रवार को आलू के खेत में मिली थी. उसकी
किसी ने तेजधार हथियार से बड़ी बेरहमी से हत्या की थी. अरुण की बहन ने गाँव के पांच
लोगों के खिलाफ भाई की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था जिनका उसके परिवार से जमीनी
झगड़े को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस जांच में पता लगा कि उसकी बहन की बातचीत फोन
द्वारा उसी गाँव के किसी युवक से हो रही थी. गुरुवार रात 11 बजकर 59 मिनट पर भी युवती की बात हुई. इसके बाद लगातार वह किसी से बात करती
रही. जांच में बात करने वाले की लोकेशन भी उसी मोहल्ले में मिली. सख्ती बरतने पर
युवती ने भाई की हत्या का राज खोल दिया. उसने बताया कि वह अपने प्रेमी से शादी
करना चाहती थी. लेकिन उसके संबंधों को लेकर उसका भाई अरुण विरोध करता था. वह अक्सर
उसकी पिटाई भी करता था. गुरुवार की रात जब अरुण ने बहन को पीटा तो उसने मर्डर का
प्लान बना लिया था..
अरुण
के पिता कोईलरी में रहकर कमाते हैं. उसके मां का निधन पहले ही हो चुका है. गांव पर
बुजुर्ग बाबा संग भाई और बहन रहते थे. इस दौरान युवती का प्रेम संबंध बरपरवा बाबू
निवासी धर्मेद्र से हो गया. वह रोजाना अपने प्रेमी से बात करती थी. वे दोनों अक्सर
मौका देखकर एक दूसरे से मिलते और अपने शरीर की प्यास बुझा लेते थे. प्रेम संबंधों
की जानकारी होने पर अरुण विरोध पर उतर गया. चार साल से चल रही मोहब्बत में रोड़ा
बन रहे भाई को हटाने में बहन जरा भी नहीं हिचकी. भाई के मर्डर में पकड़ी गई युवती
पुलिस लाइन के प्रेस कान्फ्रेंस में अपने प्रेमी को बेकसूर बताती रही. उसने कहा कि
प्रेम संबंधों को लेकर उसका भाई जब उसे पीटता था तो वह खून के घूंट पीकर रह जाती
थी. धटना वाली रात वह अपने भाई के सोने का इंतजार करती रही. उसके सोते ही उसने
अपने दुपट्टे से अपने भाई का गला घोंट कर उसकी जान ले ली. फिर अपने प्रेमी की
सहायता से किसी तरह से खेत में ले जाकर उसका गला रेत दिया. युवक की हत्या उसकी सगी बहन ने अपने प्रेमी संग मिलकर की
थी. दोनों को अरेस्ट करके हत्या में यूज सामान बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने
तमाम तफ्तीश पूरी करने के बाद दोनों को दिनांक 5 फरवरी को अदालत में पेश कर दिया
जहाँ न्यायिक हिरासत में दोनों को जिला जेल भेज दिया गया था.
(आशा नाम बदला हुआ है )
विपुल
कुमार श्रीवास्तव, एसपी साउथ


0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
crimestopindia ब्लॉग में हम अपराध से जुड़ी सच्ची कहानियाँ प्रकाशित करते हैं.आशा है यह ब्लॉग आपको पसन्द आया होगा.आप ब्लॉग को लाईक और शेयर जरुर करे. काहानियों से सम्बन्धित अपनी बहुमूल्य राय अवश्य दें ताकि हम अपने ब्लॉग को आपके रूचिकर बना सकें.