पति को वश में करने
के चक्कर में पत्नी लुटी
यदि तन्त्र-मन्त्र या किन्ही चमत्कारी जड़ी बूटियों और दवाओं
से आपसी घरेलू क्लेश – वादविवाद,
झगड़ों का निपटारा होना होता तो शायद सरकार को ऐसे मामले निपटाने के लिए अदालतों का
गठन ना करना पड़ता.बड़े आश्चर्य की बात है और कभी-कभी तो सोच कर हंसी भी आती है कि
अपने आप को सभी कहलाने वाला हमारा समाज ,आखिर जा कहाँ रहा है. पति-पत्नी हों
भाई-बहन या अन्य कोई दोस्त-यार . आपस में प्रेम तभी पैदा होता है जब एक दूसरे को
समझा जाये,आपस मै सामंजस्य बैठाया जाये तभी आपसी सम्बन्ध बेहतर बनते हैं फिर चाहे वह
कोई घर हो, कार्यालय हो , गली-मुहल्ला हो या देश .यह सब हमरे बनाने से और बेहतर
प्रयासों से ही सम्भव होता है ना कि तांत्रिक किर्याओं से या चमत्कारी जड़ी बूटियों
से .
कुसमुंडा के विकासनगर कॉलोनी के आईबीपी मैगजीन के
पास रहने वाली सरस्वती महंत (27)
का अक्सर विवाद पति मनोज महंत से हुआ करता था। फेरी लगाकर मेवा
बेचने वाली मोतीसागरपारा कोरबा में रहने वाली पार्वती गोंड़ का सरस्वती के घर
आना-जाना था।
आए दिन पति-पत्नी के बीच होने वाले विवाद को देखकर पार्वनी ने सरस्वती को ठगने की योजना तैयार की और पति को वश में करने के लिए एक खास दवा होने की बात बताई। इसे तैयार कराने के लिए अधिक खर्च आने की जानकारी दी।"
आए दिन पति-पत्नी के बीच होने वाले विवाद को देखकर पार्वनी ने सरस्वती को ठगने की योजना तैयार की और पति को वश में करने के लिए एक खास दवा होने की बात बताई। इसे तैयार कराने के लिए अधिक खर्च आने की जानकारी दी।"
पति से होने वाले विवाद को दूर करने के लिए सरस्वती ने करीब 28
हजार रुपए का मंगलसूत्र निकालकर उसे दे दिया। कुछ दिनों बाद
पार्वती वापस लौटी और दवा में और खर्च आने की बात कही।
रुपए नहीं होने की वजह से इस बार सरस्वती ने करीब 10 हजार रुपए कीमती सोने के टॉप्स उसे थमा दिए बाद में पार्वती ने बाज़ार जा क्र एक हकीम की दुकान से कुछ जड़ी बूटी खरीद कर उस मामूली औषधि को स्पेशल बताकर सरस्वती को दे दिया।
इस बीच पार्वती द्वारा कुसमुडा में ही रहने वाली एक महिला से करीब सवा लाख रुपए के जेवर व नकदी ठगने का मामला सामने आया। तब सरस्वती को भी उसके ठगे जाने का अहसास हुआ
और उसने इसकी शिकायत कुसमुंडा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने पार्वती के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि एक सप्ताह पहले ही पार्वती के खिलाफ दर्ज किए गए धोखाड़ी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
अब जरा सोचिये – हम से तो अच्छे सडकों पर फेरी लगाने वाले लोग है जो पढ़े-लिखे लोगों को अन्धविश्वास के जाल में फांस कर बड़ी आसानी से ठग लेते हैं और हम कुछ नहीं कहते ?
रुपए नहीं होने की वजह से इस बार सरस्वती ने करीब 10 हजार रुपए कीमती सोने के टॉप्स उसे थमा दिए बाद में पार्वती ने बाज़ार जा क्र एक हकीम की दुकान से कुछ जड़ी बूटी खरीद कर उस मामूली औषधि को स्पेशल बताकर सरस्वती को दे दिया।
इस बीच पार्वती द्वारा कुसमुडा में ही रहने वाली एक महिला से करीब सवा लाख रुपए के जेवर व नकदी ठगने का मामला सामने आया। तब सरस्वती को भी उसके ठगे जाने का अहसास हुआ
और उसने इसकी शिकायत कुसमुंडा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने पार्वती के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि एक सप्ताह पहले ही पार्वती के खिलाफ दर्ज किए गए धोखाड़ी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
अब जरा सोचिये – हम से तो अच्छे सडकों पर फेरी लगाने वाले लोग है जो पढ़े-लिखे लोगों को अन्धविश्वास के जाल में फांस कर बड़ी आसानी से ठग लेते हैं और हम कुछ नहीं कहते ?
-karan kapoor


0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
crimestopindia ब्लॉग में हम अपराध से जुड़ी सच्ची कहानियाँ प्रकाशित करते हैं.आशा है यह ब्लॉग आपको पसन्द आया होगा.आप ब्लॉग को लाईक और शेयर जरुर करे. काहानियों से सम्बन्धित अपनी बहुमूल्य राय अवश्य दें ताकि हम अपने ब्लॉग को आपके रूचिकर बना सकें.