रीना की वतन वापसी
में विदेश मंत्रालय की भूमिका-
इस में कोई शक नहीं
कि सऊदी अरब में शेख के चंगुल में फंसी पंजाब की रीना को शेख की कैद से आज़ाद करवा
सकुशल घर पहुँचने में भारत सरकार की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अहम भूमिका निभाई
है.
पिछले माह अक्टूबर से एक महिला की गुहार वाला वीडिया कुछ समय
तक सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा था. वीडियो बड़ा दर्दनाक और दिल दहला देने वाला
था. वीडियो में गुहार करने वाली महिला ने यह गुहार पंजाब में संगरूर के आप सांसद
भगवन्त मान को संबोधित करते हुए गुहार
लगायी थी कि वह एक बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है और एक साल पहले सऊदी
अरब के दाद्वामी नामक शहर में काम करने आयी थी. वीडियो के मुताबिक, उसे कई-कई
दिनों तक खाना नहीं दिया जाता है. कमरे में बंद करके बाहर से ताला जड़ दिया जाता
है और उसके साथ मार-पिटाई करने के अलावा अनेक प्रकार की यातनाएं दी जाती हैं.
महिला के मुताबिक, उसके अपने दो बच्चे हैं, उसकी मां बहुत
बीमार है और उसका आपरेशन होना है. और वह उनके पास लौटना चाहती है. वह रोते-रोते
पंजाब के युवक-युवतियों से अपील भी कर रही थी कि वह भूल कर भी सऊदी अरब ना आयें, क्योंकि
यहां पर न केवल शोषण होता है, बल्कि यातनाएं भी दी जाती हैं. वीडियो
में बात कर रही इस युवती के मुताबिक, वह किसी तरह से भाग कर स्थानीय पुलिस
स्टेशन भी गयी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की
थी उल्टा उसे डराने धमकाने के बाद उसकी
पिटाई की गयी थी और फिर उसी घर में वापस
छोड़ दिया गया था. वह बार-बार भगवंत मान से याचना कर ही है कि वह उसे किसी तरह
वहां से निकाले, क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने होशियारपुर की एक लड़की को भी
बचाया था. वीडियो के अंत में वह रोते बिलखते कह रही है कि अगर उसे नहीं निकाला गया
तो यह लोग उसे मार देंगे या वह आत्महत्या
कर ले गी !
रीना अपना सन्देश भेजते समय ऐसे रो रही थी.
विडिओ में
भगवन्त मान को इस प्रकार सम्बोधन किया गया था.
"भगवंत मान साहब मेरी हेल्प करो। मेरी
मदद करो। मैं यहां पर बहुत दुखी हूं। मैं इधर मुसीबत में फंसी हूं। मुझे यहां आए
एक साल हो गया है। मैं एक साल से जुल्म सह रही हूं। आपने होशियारपुर की लड़की की
भी मदद की है, उसको यहां से बाहर निकाला है। आप मुझे
भी यहां से बाहर निकाल दो। मैं भी आपकी बेटी की तरह हूं। आप मेरी मदद करो। मैं इधर
फंस गई हूं। मैं यहां पर बुरी तरह से फंस गई हूं। मुझे मालूम नहीं था कि मेरे साथ
ऐसा होगा। यह लोग कई-कई दिन खाना नहीं देते हैं। मेरे साथ मारपीट की जाती है। मुझे
कमरे के अंदर बंद रखा जाता है। बाहर से ताला लगा दिया जाता है। मैं किसी तरह पुलिस
के पास गई थी लेकिन पुलिस ने मेरी कोई मदद नहीं की। मैं सऊदी अरब में रहती हूं।
मैं द्वादमी शहर में रहती हूं। यहां पर मैं बहुत बुरी तरह से फंस गई हूं। भगवंत
मान साहब मेरी मदद करो। मुझे किसी तरह यहां से निकाल दो। मुझे किसी तरह यहां से
निकाल दो। मैं बहुत ज्यादा गरीब हूं। यहां काम करने के लिए आई थी। उन्होंने मेरे
साथ बहुत जुल्म किए हैं। मुझे यहां से किसी तरह निकाल दो। मैं भी आपकी बेटी की तरह
हूं। पुलिस ने मेरी कोई मदद नहीं की। मुझे धक्के मार कर, लात मार
कर मुझे वापस यहां भेज दिया। अगर आपने मुझे यहां से नहीं निकाला तो मैं मर जाऊंगीं
मुझे यह मार डालेंगे। मेरे भी बच्चे हैं। मैं अपने बच्चों के पास वापस लौटना चाहती
हूं। मेरी मां है जो बीमार है। मेरी मां का ऑपरेशन होना है। वह बहुत बीमार है।
मेरी हेल्प करो। मैं यहां रहना नहीं चाहती हूं। मुझे यहां से निकाल दो। मेरे साथ
मारपीट की जाती है। देखिए मेरा बुरा हाल कर दिया गया है। खून निकाला गया है। यह
लोग बहुत गंदे लोग हैं। मैं अपने भाई-बहनों को भी सलाह देती हूं कि कभी भी सऊदी
अरब में मत आना। जिस तरह से मैंने यहां के हालात देखे
हैं, दिन काटे हैं। अरे बहन-भाइयों यही
विनती है कि यहां कभी मत आना।"
सऊदीअरब में शेखों के चंगुल में फंसने से फंसने से पहले रीना
विडिओ वायरल होने के बाद जैसे कोई तूफान सा आ गया था.समाजसेवी संस्थाओं
और जनता ने मिलकर पंजाब के शहरों में जगह-जगह भारत सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ
प्रदर्शन करने और जलूस निकलने शुरू कर दिए थे. सभी जिलों के डी.सी दफ्तरों के
घेराव किये किये गये थे और सऊदी अरब में शेखों के चंगुल में फंसी रीना व अन्य महिलाओं
की शीघ्र वापसी के लिए ज्ञापन सौंपा था. अगले दिन इस समाचार को सभी बड़े अख़बारों ने
प्रमुखता से स्थान दिया था.
जिस-जिस
ने भी यह वीडिओ देखा था उसी ने इस महिला की सकुशल घर वापसी के लिए प्रार्थना की
थी. सांसद भगवन्त मान ने यह वीडयो देखा था या नहीं देखा था, उन्होंने महिला की
गुहार सुनी थी या नहीं. पर भारत सरकार की माननीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस वीडिओ को जरूर
देखा था और इस के पहले कोई और हंगामा हो मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी
की शिकायत पर अपने आप संज्ञान लेते हुए सबसे पहले
एक ट्वीट किया जिसमें लिखा था.
(Javed-Please reach her at
the earlist)
इसके साथ ही उन्हों ने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास को इस लड़की के बारे में पता करने के लिए आदेश दिया था. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रीना को शेख के चंगुल से निकाल भारत लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे जिसके चलते वह आज अपने परिवार के पास पहुंच पाई है. भारतीय दूतावास की मदद से रीना एक महीने लेबर कोर्ट की
निगरानी में रही थी.
यह वीडियो किलिपिंग 9 अक्तूबर को रीना रानी ने सांसद भगवन्त मान और अपनी मां चंद रानी को भेजी थी तब से पारिवारिक सदस्यों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई थी, चंद रानी ने भारत सरकार व आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान से मदद की गुहार लगते हुए प्रार्थना की थी कि कैसे भी करके उसकी बेटी को शेखों के चंगुल से मुक्ति दिलाई जाए. इस वीडिओ के बाद देश के प्रमुख अखबारों में यह खबरें प्रकाशित होने लगी थी अख़बारों में खबरें प्रकाशित होने के बाद भगवंत मान ने रीना रानी की माता चंद रानी से फोन पर संपर्क किया और पूरी बात को जाना. इस के उपरांत भगवंत मान ने रीना के परिवार को ढांढस दिया और कहा वह रीना को सऊदी अरब से जल्द भारत लाएंगे. भगवंत मान ने रीना के मामले में गंभीरता दिखाते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात कर उन्हें पूरी जानकारी दी थी. भगवंत मान ने संवाददाता को एक विशेष बातचीत के दौरान बताया कि यह पूरा मामला उनके ध्यान में आ गया था और इस उपरांत उनकी रीना रानी की माता चंद रानी से फोन पर बात हुई और सऊदी अरब में रीना रानी का पता व फोन नंबर हासिल कर गृह मंत्रलय को भेज दिया है. इस उपरांत उनकी बात श्रीमती सुषमा स्वराज से भी हुई और उन्हें रीना रानी के सऊदी अरब में फंसे होने की बात बताई. सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा कि रीना को भारत लाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और रीना को जल्द भारत लाया जाएगा. भगवंत मान का कहना है कि दो-तीन दिन में रीना रानी को भारत वापस लाया जाएगा, अगर रीना के पास पासपोर्ट न भी हुआ तब भी उसे भारत लाया जाएगा. भगवंत मान ने बताया कि रीना को सऊदी भेजने वाले होशियारपुर के एजैंट बेदी व मुंबई के राजू से भी उनकी बात हुई है, इस प्रकिर्या के लिए जो भी आवश्यक कागजात हैं वह जल्द ही सऊदी अरब में भेज दिए जायेंगे.
रीना के परिजन
भगवंत मान ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही होशियारपुर के पास मेहटीआणा के निकट गांव की लड़की को भी विदेश में फंसने के बाद भारत लाया गया था. उन्होंने कहा कि उनके पास कई अन्य पंजाबी लड़कों की लिस्ट भी आई है जो विदेशों में धक्के खा रहे हैं और मौजूदा सरकारें उन की रिहाई के लिए कुछ भी नहीं कर रही है. बहरीन में भी कुछ पंजाबी नौजवान फंसे हुए हैं जिनको भारत लाने की तैयारी भी जल्द की जाएगी. भगवंत मान ने मौजूदा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर सरकार नौजवानों को अपने देश में ही नौकरियां मुआहिया करवा दे तो यहाँ के लोग विदेशों में धक्के क्यों खाने जाएँ.
सऊदी अरब में फंसी रीना रानी पुत्री मोहिंद्रपाल निवासी बोपाराय की शादी सन 1991 में गांव बोदल कोटली- दसूहा, होशियारपुर के किशन से हुई थी और उसके एक लड़की नवजोत (21) व लड़का हरीश (17) हैं. रीना के पति किशन पहले दुबई में कुछ समय तक काम कर चुके हैं उस समय उनके घर के
हालत भी ठीक थे पर भारत वापिस लौटने के बाद किशन के एक एक्सीडेंट में दोनों पैर
बेकार हो गए थे जिस कारण वह चलने फिरने से भी असमर्थ हो गया था. किशन अपने परिवार
में अकेला ही कमाने वाला था, उसके बेकार हो जाने के कारण घर में भुखमरी की नौबत आ
गई थी, दोनों बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट
पड़ा था. अपना घर चलाने की खातिर रीना ने मेहनत-मजदूरी करना शुरू किया पर उससे पति
की दवाओं का खर्च भी नहीं निकल पा रहा था ऐसे में बच्चों को दो वक्त की रोटी मिलने
का तो सवाल ही नहीं पैदा होता था.
रीना अपने बच्चो के साथ
रीना रानी की घर वापसी में लगातार हो रही देरी के बीच जहां भारत सरकार अपने तौर पर लगातार प्रयास कर रही है, वहीं देरी की वजह इमीग्रेशन रिकार्ड के अनुसार रीना का भारत से सऊदी नहीं पहले दुबई पहुंचना है.
विदेश
मंत्री सुषमा स्वराज ने सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को ट्वीट कर जल्द से जल्द
रीना को भारत लाने के आदेश जारी करते हुए लिखा था, रीना को मुक्त करवा कर जल्द भारत भिजवाने का प्रबंध किया जाए. इस आदेश पर सऊदी अरब स्थित भारतीय
दूतावास ने रीना को शेख के घर से छुडवाने के लिए शहर दाद्वानी में शेख का घर दूंढ
कर वहां से रीना को मुक्त करवा अपने साथ सऊदी अरब लाकर भारतीय दूतावास में सकुशल
हाजर कर दिया था ताकि रीना को भारत भेजने की आगामी करवाई की जा सके. क्योकि रीना
को ट्रेवलर एजेंट ने धोखे से सऊदी भेजा था. एजेंट ने रीना को ट्रेवलर वीजा पर सऊदी
भेजा था, अत:रीना की वापसी में कई कानूनी बाधाये खड़ी हो गई थी पर सुषमा स्वराज के
आदेश पर दूतावास के अधिकारी दोनों देशों के बीच कानूनी बाधाओं को दूर कर रीना को भारत वापस भेजने की तैयारी में सक्रियता से जुट गए थे. और तब तक के लिए रीना को लेबर कोर्ट सऊदी अरब में रखा गया था.
अब एक तरह से रीना शेख के चंगुल से आज़ाद हो चुकी थी और अब वः रोजाना पंजाब अपने घर
अपने माता-पिता व बच्चों से भी बात करने लगी थी.
केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस मामले में निजी तौर पर भी दिलचस्पी ले रही थी वे रीना रानी की सुरक्षित घर वापसी के प्रयासों में जी जन से जुटी हुई थी उन्हें पता
चला कि रीना होशियारपुर से टूरिस्ट वीजा लेकर पहले दुबई गई थी व बाद में सऊदी अरब, इस वजह से 2 देशों सऊदी अरब व दुबई की इमीग्रेशन पॉलिसी की कानूनी अड़चन रीना की घर वापसी में देरी की वजह बनी हुई थी. उन्होंने तुरन्त इस समस्या का समाधान कर रीना के घर वापसी का रास्ता खोल दिया
और दिनांक-17-11-2017 को रीना सऊदी अरब से सकुशल भारत लौट आई थी पंजाब से उसके
परिजन उसे लेने दिल्ली एयरपोर्ट गए थे.
रीना अपने घर पहुंच माँ के गले लगकर ऐसे रोई
थी.
रीना 18 तारीख शनिवार शाम को टांडा के गांव बोदल कोटली अपने घर वापस पहुंची. रीना की घर वापसी से परिवार में खुशी का आलम था। अपने पति किशन राज, बेटे हीरे और बेटी नवजोत कौर के गले लग रोते हुए उसने राहत की सांस ली और सबको अपनी आपबीती इस प्रकार सुनाई थी.
16 अक्तूबर 2016 को अपने घर को गरीबी से उबारने की चाहत लेकर सऊदी अरब पहुंची रीना को शेख के परिवार ने घर में बंधक बना काम करवाया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार कर मारा-पीटा व खाना भी नहीं दिया था. उसने बताया कि पहले 3 महीने शेख के परिवार ने 25,000 की बजाय 15,000 रुपए सैलरी दी, बाद में तंग करना शुरू कर दिया. तंगी के चलते अढ़ाई महीने सोशल मीडिया पर मैसेज कर उसने अपनी दुख भरी दास्तां सुनाने के बाद रीना ने व्हाट्स एप संदेश के माध्यम से सुषमा स्वराज और सांसद भगवंत से मदद की गुहार लगाई थी. भाषा की समझ न होने के कारण भी रीना को बहुत मार सहनी पड़ी
थी. कुछ दिन पहले वहां की पुलिस उस घर में पहुंच गई, जहां उसे
बंधक बना रखा गया था. पुलिस ने कहा कि लड़की को बंधक बनाने की शिकायत के बाद पुलिस
उसे वहां से ले आई तथा वहां से भारत पहुंचाया, यह सब केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के प्रयासों से ही
संभवत हो सका था.
रीना ने बताया कि अरबी लोगों में मानव संवेदना नाम की कोई चीज़
ही नहीं है. वे पशुओं से भी बदतर हैं. वे लोग इंसान को मशीन समझते हैं. वे हमें
बीस-बीस घंटे तक मजदूरों की तरह काम करवाते थे और कई दिनों तक खाना भी नहीं देते
थे कुछ बोलने पर जानवरों की तरह पीटा जाता था. प्रताड़ना से तंग आकर कई बार मरने का
भी मन किया, पर परिवार और मां को
देखकर हिम्मत नहीं जुटा पाई।" रीना ने बताया कि पैसा कमाने की चाह में अरब
देशों में भूल कर भी नहीं जाना चाहिए.
रीना ने बताया कि घर में मौजूद बच्चों से चोरी से वाईफाई का
पासवर्ड लेकर उसने व्हाट्सऐप के जरिए अपनी वीडियो परिवार को भेजी तब जाकर मुझे कुछ
आस जगी कि अब मेरे परिवार को मेरे हालात के बारे में पता चल जाये गा. वे मुझे इस कैद
से जरूर छुड़वाएंगे. वीडियो भेजने के बाद उसे जब लोकेशन भेजने वाले तरीके का पता
चला तो उसने मौका देखकर वह भी भेज दिया था.
रीना ने बताया कि वीडियो भेजने के कुछ दिन बाद वहां की पुलिस
मुझे खोजते हुए घर में आई और उसके बारे में पूछा, परिवार की एक लड़की ने मुझे अंग्रेजी
में समझाने की कोशिश की कि पुलिस उसे भारत ले जाने आई है, लेकिन शेख ऐसे नहीं होने दे रहा था. इसके बाद
दो बार पुलिस फिर आई, लेकिन मुझे
भेजा नहीं गया. अंत में 16 नवम्बर गुरुवार को पुलिस वहां फिर से आई और वहां से
छुड़वाकर मुझे एयरपोर्ट पर भेजा गया था. उन लोगों ने मेरे कागजात तैयार किए, मुझे
नहीं पता कि उन्हें किसने भेजा है, मगर मुझे
एहसास हो गया था मेरे वतन के लोगों व मेरी सरकार ने ही मेरी सहायता की है.
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सऊदीअरब में शेख की कैद से छूट कर आई 40 वर्षीय महिला ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उसे शेख के 16 बच्चों की देखभाल करनी पड़ती थी. विदेशों में फंसे लोगों की मदद करने वाली हेल्पिंग हैपलेस संस्था के प्रयासों से महिला की घर वापसी हो पाई है. संस्था की संचालिका अमनजोत कौर रामूवालिया ने बताया कि उक्त महिला को दिल्ली के एक एजेंट ने शेख को बेच दिया था. उसने महिला से सऊदी अरब में नौकरी के नाम पर 1.5 लाख रुपये और वहां शेख से उससे भी ज्यादा रकम वसूली. महिला ने किसी तरह जालंधर अपने परिवार से संपर्क किया और उसके परिवार ने हमसे संपर्क किया. हमने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ओएसडी से संपर्क किया. उन्होंने महिला को भारत लाने के लिए हर मुमकिन मदद की और शेख की कैद से आजाद कराया.
महिला ने बताया कि फरवरी 2016 को वह सऊदी अरब गई थी. पहले कुछ महीने तो सब ठीक रहा लेकिन बाद में शेख का परिवार मुझ पर अत्याचार करने लगा. मुझे घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था. हालात बहुत खराब हो चुके थे. मेरा शारीरिक शोषण भी किया गया. मैं अपनी पहचान नहीं बताना चाहती इसलिए बुर्का पहनकर आई हूं. अगर परिवार की माली हालत ठीक होती तो कभी विदेश नौकरी के लिए नहीं जाती. मौके पर हेल्पिंग हैपलेस के सदस्य अरविंदर सिंह भुल्लर, सेक्रेटरी कुलदीप सिंह भैरोपुर, शिव अग्रवाल, तनवीर सिंह और दीपेंद्र सिंह मौजूद रहे.
हरमिंदर खोजी-









विदेशों में जा कर पैसा कमाना बुरी बात नहीं है, पर यूँ आँख मीच कर धोखेबाज़ एजेंटों पर विश्वास करना भी ठीक नहीं है.
जवाब देंहटाएंwell written
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