सबक सिखाने के लिए नीचकर्म


          
सबक सिखाने के लिए नीचकर्म
नादान औरत का कारनामा

                                 देवास अपनी माँ के साथ


लुधियाना के दाबा क्षेत्र के कोट मंगल के इलाके मकान नम्बर 9056 की गली नम्बर-36 में रहने वाले प्रदीप कुमार उसदिन बड़े उत्साहित थे. कारण एक तो स्कूल में बच्चों की पेरेंट मीटिंग थी दूसरे उनके दोनों बच्चों को स्कूल की तरफ से ईनाम भी मिलना था. इसी कारण प्रदीप कुमार बहुत खुश थे. प्रदीप कुमार प्रापर्टी डीलर का काम कटे थे इस काम में उन्हें अच्छी कमी हो जाती तीस कारण अपना सारा ध्यान वह बच्चों के भविष्य बनाने में लगे रहते थे.
बहरहाल उन्होंने अपनी पत्नी की सहायता से दोनों बच्चों को जल्दीबाजी में तैयार किया और स्कूल छोड़ आए थे. बच्चों को सकूल छोड़ कर वह अपने काम पर चले गए थे. दोपहर बाद तक बच्चे स्कूल से लौट आए थे और खाना आदी खाकर बाहर गली में अन्य बच्चों के साथ खेलने लगे थे.
प्रदीप का 2 वर्षीय दिवास  गली में अपने अन्य हमउम्र बच्चों के साथ खेलते हुए स्कूल की बातें सुना रहा था कि खेलते खेलते अचानक वह कहीं गायब हो गया था. यह बात 7 जनवरी 2018 शाम 3-30 बजे की है. देवास के लापता होने से जैसे पूरी गली में कोहराम सा मच गया था, सब लोग मिल कर उसे तलाशने लगे थे. इस बीच यह खबर प्रदीप शर्मा तक भी पहुंच गई थी वह अपनी दुकान का सारा काम धाम बंद कर घर लौट आए  और अपने लखते जिगर को तलाश करने लगे थे. देवास के लापता होने की सुचना तुरंत थाना डाबा को डी गई थी जिसे डीडी-22 पर दर्ज कर लिया गया था. अब तक की छानबीन से यह बात स्पष्ट हो गई थी कि बच्चे देवास का अफर्ण किया गया था इस लिए जांचकर्ता ए एस आई कश्मीर सिंह ने समय व्यर्थ न करते हुए देवास के अपहरण का केस अपराध संख्या-11 पर भारतीय दंड विधान की सहिंता 365 पर दर्ज कर देवास की युद्ध स्तर पर तलाश शुरू कर दी थी. प्रदीप ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखवाया था कि उसके बच्चे की हत्या करने की नियत से ही उया अपहरण किया गया था.


               कश्मीर सिंह और बच्चा बरामद करने वाली पुलिस टीम 


बहरहाल कश्मीर सिंह ने ए एस आई बलविंदर सिंह,हवलदार सर्वजीत सिंह,सेवा राम,झूजार सिंह,सिपाही रमिंदर सिंह और केडी सिपाही पल्लवी को साथ लेकर एक पुलिस टीम बने और सबसे पहले कोटमंगल के चप्पे चप्पे में लगे cctv कैमरों को खंगाला तो कैमरे की एक फुटेज में एक औरत बच्चे देवास को उठाकर ले जाती हुई साफ दिखाई दी थी.
उस औरत के विषय में पता किया गया तो मालूम हुआ की उसका नाम सर्वजीत कौर पत्नी अवतार सिंह है और वह प्रदीप के पडोस के मकान नम्बर-9055 में रहती है. अवतार सिंह तारा गैस एजेंसी में काम करता है.
ए एस आई कश्मीर सिंह ने लेडी सिपाही पल्लवी की सहायता से सर्वजीत को तुरंत बच्चे देवास सहित गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ के दौरान सर्वजीत कौर ने स्वीकार किया कि देवास की हत्या करने की नियत से ही उसने बच्चे का अपहरण किया था क्योंकि वह प्रदीप के परिवार से बदला लेना चाहती थी.
पूछताछ के दौरान इस बच्चा चोरी की कहानी जो सामने आई वह एक कं अक्ल औरत का नादानी भरा कारनामा थी.   


थाना डाबा के अधीन पड़ते कोट मंगल सिंह नगर में पड़ोसी द्वारा की शिकायत पर अपने बेटे को पुलिस द्वारा पकड़ कर ले जाने से गुस्साई महिला ने शिकायतकत्र्ता को सबक सिखाने की मंशा से उसका 2 वर्ष का मासूम बच्चा अगवा कर लिया व फरार हो गई। परंतु समय रहते एक्शन में आई पुलिस द्वारा बनाए दबाव से आरोपी महिला जैसे ही वापस आकर बच्चा गली में फैंक भागने लगी तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया व मासूम को अभिभावकों को सौंप दिया।
कोट मंगल सिंह नगर में रहने वाला अवतार सिंह तारा गैस एजैंसी में काम करता है। उसका बेटा मनु चोरियां करने का आदी था व गत रोज उसने प्रदीप कुमार दीपू की बहन निधि के घर में घुसकर चोरी का प्रयास किया था, जिसको पता लगने पर दीपू ने मोहल्ले के लोगों को साथ लेकर इसकी शिकायत मनू की मां सर्बजीत कौर से की। बाद में लोगों के बीच-बचाव करने पर मामला सुलझ गया। परंतु मनु इस घटना के बाद दीपू व उसी बहन निधि के साथ रंजिश रखने लगा व आते जाते उन पर फब्त्तियां कसने लगा, जिससे परेशान परिवार ने तंग आकर इसकी शिकायत पुलिस को कर दी व डाबा पुलिस मनु को पकड़ कर थाने ले गई। पता लगने पर मनु की मां सर्बजीत कौर गुस्से में आ गई व दीपू व उसकी पत्नी पूनम व निधि को सबक सिखाने के लिए गली में खेल रहे दीपू के 2 वर्षीय मासूम दिवांश को किडनैप करके फरार हो गई।
उसे जाते देख एक रेहड़ी चालक ने दीपू व उसके परिवार को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस से सम्पर्क किया। मासूम बच्चे के अगवा होने की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई व ए.डी.सी.पी. संदीप शर्मा व ए.सी.पी. अमन बराड़ ने मौके पर पहुंच पुलिस की अलग-2 टीमों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड साहित आरोपी महिला से संबंधित ठिकानों पर भेज दिया, जहां उसके करीबी रिश्तेदार रहते थे। पुलिस द्वारा बनाए दबाव से डरी सर्बजीत कौर वारदात के चंद घंटों बाद मासूम दिवांश को घर के करीब छोड़ कर जब फरार होने लगी तो पुलिस ने लोगों के सहयोग से उसे पकड़ लिया। बच्चे को सकुशल मां-बाप के हवाले कर दिया। पुलिस गिरफ्त में आरोपी महिला ने बताया कि उसके बेटे को जब पुलिस दीपू की शिकायत पर पकड़ कर लेकर गई तो उसे किसी ने बताया कि अब उसे लंबी जेल होगी। इसी बात से गुस्से में आकर उसने दीपू के परिवार को सबक सिखाने के लिए यह सब किया था।
[पुलिस सूत्रों पर कथा का नाट्य रूपान्तरण]
हरमिंदर कपूर -     







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Milan Tomic

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