पंजाब के जांबाज़ पुलिस अफसरों के हैरतंगेज कारनामे.


















       नशे के अन्धे लालची दोस्त





सुल्तानविंड -अमृतसर का दोहरा हत्याकांड- बेटे के दोस्तों ने लूट के इरादे से पहले अकेली माँ-बेटी की इज्जत लूटी फिर पहचान मिटाने के लिए जिन्दा जला दिया था.





मृतका गगन वर्मा 





स्वार्थ ही जिनका मकसद है-
रिश्तों की कोई कीमत नहीं.कोई किस पर विश्वास करे,

       वित्र गुरु नगरी अमृतसर के जी टी रोड के साथ सट्टे व्यस्तम इलाके के दशमेश एवेन्यू की कोठी नम्बर- 175 में दिनांक 5 फरवरी 2018 की आधी रात के बाद कोठी से अचानक धुआं उठने लगा था. फरवरी का महीना होने के कारण अधिक ठंड भी नहीं थी फिर भी लोग अपने-अपने घरों में घुसे हुए थे, कोई एक आध राहगीर सड़क से गुजरा भी तो उसने इस ओर ध्यान नही दिया था. कुछ ही देर में कोठी से आग की ऊंची लपटे उठने लगी थी जिन्होंने कोठी को चारों ओर से घेर लिया था.आग की लपटों की रौशनी से मोहल्ले वालों की आँख खुली और सब अपने-अपने घरों से निकलकर धू-धू कर जलती कोठी नम्बर 175 की ओर भागे थे. इस बीच किसी ने फायर बिग्रेड और नजदीकी थाना सुल्तानविंड पुलिस को सुचना दे दी थी.
घटना की सुचना मिलते ही फायर बिग्रेड के साथ थाना सुल्तानविंड प्रभारी इंस्पेक्टरनीरज कुमार,लेडी एस आई राजवंत कौर,लेडी सिपाही सुनीता,ए एस आई अर्जुन सिंह दर्शन कुमार ,हवलदार लखविंदर कुमार,गुरनाम सिंह,बलविंदर सिंह,गुरमेज सिंह और हरजिंदर सिंह सहित कई पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए थे.      
कोठी से निकलने वाली आग की लपटे इतनी भयानक थी कि सुरक्षा के लिहाज से इं नीरज को आस पास के घरों को खाली करवाना पड़ा था. आग पर काबू पाते हुए सुबह के लगभग 6-30 बज गए थे. कोठी की आग बुझने के बाद पड़ोसियों ने जब घर के भीतर जाकर देखा हो सब के पैरों तले से जमीन खिसक गई थी. भीतर का नज़र इतना डरावना और भयावह था कि बड़ा दलेर आदमी भी वहां एक मिन्ट नहीं ठहर सकता था.
दिल दहला देने वाली इस घटना की सुचना मिलते ही अमृतसर पुलिस कमिश्नर एस.एस श्रीवास्तव,ए.डी सी.पी-2 ,ए.डी.सी.पि जे एस वालिया,ए.डी.सी.पि हरजीत सिंह धारीवाल और ए.सी.पी मंजीत सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे . इं नीरज ने क्राइम टीम को भी मौका पर बुलवा लिया था.
सबसे पहले वहां एक 48 वर्षीय संजीव वर्मा नामक व्यक्ति आया था जो अपने आप को कोठी नम्बर 175 में रहने वाली गगन वर्मा का भाई बता रहा था. इं नीरज कुमार को अपने दिए बयानों में उसने बताया कि वह दो भाई बहन है, उनके पिता रामदेव और जीवन रानी की मृत्यु हो चुकी है, वह अपनी पत्नी गीता और बेटे चन्दन के साथ मकान नम्बर 1334 जंडियाला गुरु में रहते है और पेशे से डाक्टर है. जंडियाला गुरु में ही उन की दुकान है.
42 वर्षीय गगन वर्मा की शादी माता पिता के जीवित रहते ही उन्होंने लगभग 25 वर्ष पहले जगजीत सिंह के बेटे नवजोत सिंह के साथ की थी. शादी के बाद एक लड़की ने जन्म लिया था जिसका नाम शिवनैनी रखा था. बेटी के पैदा होने के कुछ समय बाद ही नवजोत सिंह स्टडी करने कनेडा चला गया था और फिर वह वापिस कभी नहीं लौटा था,यह शादी के दो वर्ष बाद की बात है. बहरहाल मेरी बहन ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जंडियाला गुरु जंडियालाके सरकारी सीनियर स्कैन्दरी स्कूल में क्लर्क की नौकरी कर ली थी और इसी के साथ ही वह अपनी बेटी शिव्नैनी की परवरिश भी करती रही थी. शिव् नैनी इन दिनों बी एड की तैयारी कर रही थी. माँ  बेटी में बहुत प्यार था आखिर उन दोनों का एक दूजे के अलावा था भी कौन...? बहरहाल कोठी नम्बर १५७ में कुल 3 लोग ही रहते थे. यही कोठी नम्बर 157 अभी उन्होंने 4 साल पहले ही बनवाई थी. कोठी किया एक प्रकार का किला था , चारो तरफ से बंद जहाँ उनकी मर्जी के बिना कोई परिंदा भी पर न मार सके.

सुल्तानविंड अमृतसर थाना प्रभारी इं नीरज कुमार.
हरहाल पुलिस उच्चाधिकारीयों के कहने पर पुलिस ने अपनी करवाई शुरू कर दी थी. सबूत मिटाने की खातिर हत्यारों ने दोनों शवों को आग के हवाले कर दिया था जिसमें गगनदीप वर्मा तो पूरी तरह से जल गई थी जबकि उसकी बेटी शिवनैनी अधजली अवस्था में थी. अमृतसर पुलिस कमिश्नर एस.एस श्रीवास्तव ने इस रहस्यमय हत्याकाण्ड को सुलझाने और हत्यारों का पता लगाने के लिएथाना प्रभारी इं नीरज कुमार. जिला क्राइम सेल के इंचार्ज इं वविंदर महाजन,लेडी सब इंस्पेक्टर राजवंत कौर तथा अन्य खास पुलिस कर्मियों की ए.सी.पी मंजीत सिंह के अगुवाई में  एक स्पैशल टीम का गठन किया .   
‘’ नीरज इतने सुरक्षित मकान के भीतर जाना किसी जन पहचान वाले का ही काम हो सकता है.?’’
इं महाजन ने अपनी राय पेश करते हुए इं  नीरज से कहा था.
‘’आपका ख्याल दुरस्त है हत्यारे जो भी रहे होंगे वह दोनों माँ-बेटी के परिचित जरूर रहे होंगे इस बात में कोई दो राय नहीं है. या यह भी कहा जा  सकता है कि माँ-बेटी के कोई परिचित ही हत्यारों को अपने साथ लाये हों, यह भी हो सकता है यह मामला अवैध संबंधों से सम्बंधित हो.’’
‘’होने को तो बहुत कुछ हो सकता है अभी हम केवल कन्यास और संदेह ही कर सकते है, असली बात का पता तो हत्यारों के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा.’’
इं महाजन ने कहा.

इंस्पेक्टर वविदर महाजन-जिला इंचार्ज क्राइम ब्रांच 
‘’इं महाजन,-‘’इं नीरज ने कहा .’’ एक बात तो तय है कि माँ-बेटी दोनों में से किसी एक युवक के साथ अवैध सम्बन्ध जरूर थे,हो सकता है माँ बेटी की इस बात का विरोध करती हो या बेटी मक की हरकतों से परेशान हो और गुसे या बदनामी के दर से उनहोंने यह कदम  उठाया हो.?
‘’ मै आपकी बात से सहमत हूँ ,इं नीरज पर सवाल यह उठता है कि दोनों माँ बेटी की ह्त्युआ करना और फिर लाश की शिनाख्त मिटाने की कोशिस करना, यह बात समझ से बाहर है, यदि हत्यारों ने माँ-बेटी किसी एक की या दोनों की हत्या करनी होती तो आराम से अपना काम कर जा सकते थे.’’
बहरहाल सवाल अनगिनत थे पर जवाब एक भी सामने नहीं आ रहा था,तरह-तरह के कन्यास लगाए जा रहे थे, पड़ोसियों से पूछताछ करने पर पता चला था कि माँ बेटी के किसी से कोई सम्बन्ध नहीं थे यह तक कि पड़ोसियों के घर भी कम आना-जाना था.
शिवनेनी का शव जिस आपत्तिजनक हालत में मिला  उससे रेप की आशंका जताई जा रही है। फ़िलहाल इन. नीरज ने घटनास्थल के विभिन्न कोणों से फोटो करवाए और अगली करवाई में इस दोहरे हत्याकांड माँ-बेटी के शव अपने कब्जे में लेकर इस घटना को अपराध संख्या-13 पर भारतीय दण्ड विधान सहिंता की धारा -302- 201 और 407 पर दिनांक- 15-2*2018 पर दर्ज कर लाशों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया था. इस काम से फारिग होने के बाद इं नीरज और इं विविंदर महाजन इस दोहरे हत्याकांड की जड़े खोदने में जुट गए थे. 
हत्या की वजह  अभी तक सामने नहीं आई है। फिलहाल हत्या में किसी करीबी का हाथ होने का अंदाजा लगाया जा रहा था. उधर मृतका माँ बेटी के भाई रिधम को भी कनेडा में इया वारदात की सुचना दे डी गई थी ताकि वह जल्द से जल्द इंडिका आकर अपनी माँ बहन की लाशे देख सके.दुसरे इं नीरज को इस बात की भी आशा थी कि रिधम से कोई ऐसी बात पता चल सके जिस से माँ-बेटी के हत्यारों तक पहुंचने में मदद मिल सके. पुलिस अपना काम बड़ी ईमानदारी और सूझबुझ से कर रही थी पर हत्यारे भी इतने चालाक और शातिर थे जिन्होंने कोई सबूत नहीं छोड़ा था.
पुलिस की जाँच जैसे ही आगे बढ़ी गगनदीप वर्मा व उसकी बेटी के दोहरे हत्याकांड में पुलिस की जांच की सुई उनके रिश्तेदारों और पहचान वालों पर आकर अटक गई है। पुलिस ने  दोनों मां-बेटी के मोबाइलों की कॉल डिटेल को बारीकी से खंगालना शुरू किया. वहीं टावर डंप के जरिए यह भी देखा जा रहा थ -कि वारदात वाली रात घटना स्थल के दायरे में कौन-कौन से मोबाइल चल रहे थे।  अगले दिन पुलिस ने वीडियोग्राफी में करवाए पोस्टमार्टम के उपरांत दोनों मां-बेटी के शवों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया। जबकि दोनों का संस्कार गगनदीप के बेटे के कनाडा से आने के उपरांत ही हो गया था वह अपनी माँ-बहन की सूरत तक भी नहीं देख पाया था. उसी दिन  पुलिस कमिश्नर एस.एस. श्रीवास्तव इं नीरज और इन महाजन के साथ एक बार फिर अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर गए जहां उन्होंने फोरैंसिक टीम को बारीकी से पूरे घर को खंगाल सबूत जुटाने के निर्देश दिए।
गगनदीप व उसकी बेटी शिवनैनी के दोहरे हत्याकांड के मामले में जिले के  साइबर क्राइम सैल को भी पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया था कि शायद कोई सुराग हाथ लग सके. साइबर क्राइम सैल जो कॉल डिटेल से हर उस व्यक्ति की जांच कर रहा है जिनके द्वारा दोनों मां-बेटी के मोबाइल पर कॉल की गई और दोनों मां-बेटी द्वारा किसी को फोन मिलाया गया। साइबर सैल शिवनैनी की फेसबुक आई.डी. को भी अच्छी तरह खंगाल रहा है।
मृतका गगन वर्मा और शिव नैनी के ब्लड सैंपल लिए गए उन्हीं की रिपोर्ट से दुष्कर्म का खुलासा होगा.
पोस्टमार्टम के दौरान गगनदीप का तो शव पूरी तरह से जला हुआ था जबकि डाक्टरों द्वारा शिवनैनी के ब्लड सैंपल लिए गए हैं जिनसे दोनों के साथ हुए दुष्कर्म का खुलासा रिपोर्ट आने के उपरांत ही हो पाएगा।
लिस ने शक के आधार पर दर्जन के करीब लोगों को भी राऊंडअप किया था.
पुलिस ने आज मां-बेटी के हुए दोहरे हत्याकांड में दर्जन के करीब लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। स्पैशल इन्वैस्टीगेशन टीम इस हत्या को कहीं न कहीं अवैध संबंधों से जोड़कर तो देख रही है मगर इसमें यह भी शंका जताई जा रही है कि गगनदीप की बेटी बिना कारण ही बलि चढ़ गई। इस दोहरे हत्याकांड में मां के संबंध ही उसकी बेटी की मौत का कारण बन गए।
ब तक जो पुलिस अँधेरे में तीर चला रही थी उन के लिए आशा की किरण कनेडा बैठा रिध्म था. रिद्हम  के आने पर हो सकते हैं कुछ खुलासे
करीब 3 माह पूर्व कनाडा गए गगनदीप के बेटे रिधम के आने पर इस दोहरे हत्याकांड में कुछ अहम खुलासे होने की भी संभावना है। रिधम ने इस हत्याकांड के पीछे अपने किसी रिश्तेदार को फोन पर एक व्यक्ति का हाथ होने की शंका जताई है जिसका खुलासा वह पहुंचने के उपरांत पुलिस को कर सकता है।
इधर पुलिस तफ्तीश में मां-बेटी के साथ बलात्कार करने के बाद उन्हें जिंदा जलाने के मामले में शहर के 2 बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस ने जब मृतक महिला और उसकी बेटी के फोन कॉलज की डिटेल चैक की तो पता लगा कि 2 बड़े नेता इनके संपर्क में थे। पुलिस कांग्रेस के एक काऊंसलर और अकाली दल के पूर्व सरपंच के साथ महिला के साथ हुई बातचीत की भी जांच कर रही है। पुलिस जांच टीम ने बताया कि अब तक पता चला है कि दोनों कत्ल किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति ने किए हैं। 












                   दोषी नीरज यारमार गद्दार और दोष पंकज शर्मा 
स दोहरे हत्याकांड के 48 घंटे बिट जाने के बाद भी पुलिस  बिना लक्ष्य के निशाना भेद रही, पुलिस के हाथ मां-बेटी दोहरे हत्याकांड में 48 घंटे बीत जाने पर भी खाली हैं। पुलिस द्वारा निकलवाई गई मां-बेटी की कॉल डिटेल से मामला और भी उलझ गया है। दिन भर पुलिस संदिग्ध नंबरों को खंगालने में लगी रही जबकि मरने वाली गगनदीप वर्मा के रिश्ते कुछ इस तरह थे कि एक के बाद एक व्यक्ति को जांच के लिए राऊंड-अप कर रही पुलिस खुद ही अपनी जांच में फंसती जा रही है।
हत्याकांड के उपरांत जांच में जुटी स्पैशल टीमें अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं निकाल पाई हैं।
दर्शन एवेन्यू में हुए गगनदीप वर्मा व उसकी बेटी शिवनैनी की हत्या के तीसरे दिन भी कनाडा में रह रहा उसका बेटा रिधम अमृतसर नहीं पहुंचा। अपनी मां व बहन को आखिरी बार देखने की चाह तो कल हुए उनके संस्कार के उपरांत ही खत्म हो गई थी, अब देखना है कि क्या उनका बेटा अपनी मां व बहन की अंतिम रसमें नभाने के लिए अमृतसर पहुंचेगा?
गगनदीप व पार्षद के बीच में रिश्ता होने की संभावना ने जहां मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड में चल रही पुलिस जांच को एक और दिशा दे दी हैं, वहीं इस रिश्ते ने खाकी व खादी के बीच पेचा फंसा दिया है। पुलिस इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है जबकि नाम सामने आने पर पुलिस उसे जांच में शामिल करने जा रही है।
दोहरे हत्याकांड में अब सुपारी किल्लर  के अंदेशे को लेकर पुलिस की जांच हिस्ट्रशीटरों की ओर मुड़ गई है। बेदर्दी से मौत के घाट उतारी गई गगनदीप वर्मा व उसकी बेटी शिवनैनी का मामला भी किसी प्रोफैशनल किलर की ओर इशारा कर रहा था जिसने अलग-अलग कमरों में दोनों मां-बेटी को बिठाया और हत्या के उपरांत पूरी तरह सबूत मिटाने का प्रयास किया।
हत्यारे 3 घंटे से अधिक गगनदीप वर्मा के घर पर रुके होंगे जिससे यह साफ हो रहा है कि कोई व्यक्ति पहले घर का दरवाजा खुलवा अंदर दाखिल हुआ और उसके उपरांत सुपारी किलरों को घर में बिठा खुद वहां से चला गया होगा। पहचान वाले के वहां से चले जाने के उपरांत भाड़े पर लिए गए गुंडा तत्वों ने घर में पूरा आतंक मचाया और दोनों मां-बेटी की हत्या कर मौके से फरार हो गए। पुलिस अब इस एंगल को लेकर आपराधिक प्रवृत्ति रखने वाले तत्वों की तलाश में जुट गई है जिसमें पुलिस ने आधा दर्जन के करीब कुछ हिस्ट्रीशीटरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और इस तरह की वारदात करने वालों के बारे में पूछताछ की पर कोई हल नहीं निकला.
अब पुलिस दोनों मां-बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसमें यह साफ हो जाएगा कि हत्या से पहले दोनों मां-बेटी के साथ हत्यारों द्वारा दुष्कर्म तो नहीं किया गया। जिले का सी.आई.ए. स्टाफ इस दोहरे हत्या कांड की गुत्थी को सुलझाने में पूरी तरह से जुटा हुआ है मगर आज 72 घंटे बीत जाने के उपरांत भी पुलिस के हाथ कोई भी ऐसा सूत्रधार नहीं लग पाया जिसे मामले को सुलझाने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। पुलिस लगातार हर एंगल से जांच तो कर रही है मगर पुलिस के हाथ खाली हैं। 










                         पुलिस कमिश्नर अमृतसर SS.SHRIWASTV       ADPC-2 लखविंदर सिंह 
  
इं नीरज और इं महाजन इस पूरे हत्याकांड की कड़ी से कड़ी जोडकर आपस में विचार विमर्श का रहे थे कि अचानक इं नीरज का ध्यान रिधम के ख्जास दोस्तों 21 वर्षीय पंकज शर्मा और 18 वर्षीय नीरज निवासी गुरु गोविन्द सिंह नगर छार्ता की ओर चला गया था. हाँलाकि यह एक सम्भावना थी कोई ठोस साबुत या वजह नहीं थी फिर भी उनहोंने पंकज शर्मा और से पूछताछ करने के लिए उसके घर पहुंच गए थे .पंकज एउर नीरज दोनों ही गरीब परिवारों से है.पंकज के पिता सोफे मरम्मत का काम करते है जबकि नीरज दिखावे के तौर पर ओपन से पढ़ाई करता है पे दोनों का शौक घूमना-फिरना और अय्यशी करना है. अय्याशी के किये खूब रुपयों की जरूरत होती है जो उनके पास नहीं थे ऐसे में वह छोटी मोती चोरी और ठगी कै अपना शौक पूरा करते थे.
दिनांक-4-2-2018 को नशे से टूटे हुए बैठ कर सोच रहे थे कि इस रोज-रोज की तंगी से अच्छा कोई ऐसा उपाय सोचा जाये कि किसी से कुछ मांगने की जरूरत ही न पड़े.?
यार मेरे पास एक बिना रिस्क के आसन तरीका है . पैसा इतना मिलेगा कि हम रात दिन एश कर सकते है और मजे की बात यह है कि हम पर किसी को रती भर भी शक नहीं जाए गा,’’ पंकज ने बताया तो सुनकर नीरज उतेजित हो गया था, बोला, फिर जल्दी भौंक,देर क्यों कर रहा है. पर यह तो बता करना क्या है,?
रिधम के घर डकैती.
अबे तेरा दिमाग तो खराब नहीं है जनता नहीं वह हमारा बचपन का दोस्त है साथ खेले और खाते-पिटे रहे है...नहीं  यह गलत काम है.नीरज ने साफ मना कर दिया था.’’
‘’अबे गधे उनके पास करोड़ो रुपया है और फिर रिद्हम भी आजकल कनेडा में है हम पर कौन शक करेगा.’’
अंत में पंकज ने किसी तरह समझस कर नीरज को इस काम के लिए तैयार कर लिया थ अ,वारदात के लिए 4-5 की रात चुनी गई थी.

इधर जब इं नीरज और इं महाजन अपनी टीम के साथ पंकज के घर पहुंचे तो पंकज कर बाप ने बताया कि पंकज और नीरज 5 तारीख की रात से गायब है. नीरज के बाप का भी यही कहना था . अब संदेह की क्जोई गुंजायश नहीं बची थी साफ था इस दोहरे हत्याकांड में इन्ही दोनों का हाथ है. पुलिस रात दिन युद्ध स्तर पर पंकज और नीरज की तलाश में जुट गई और उन्हें उस समय गिफ्तार कर लिया गया जब वह शहरछोडने  की तैयारी में थे. इं नीरज दोनों को अरेस्ट कर थाने   ले आए और सरसरी पूछताछ के के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए उन्हों ने बताया कि पैसों की लालच में ही उन्होंने माँ-बेटी की हत्या इस लिए की थी क्यों कि वह हमे बचपन से जानती थी. अभियुक्तों के अपराध स्वीकार करने के बाद इं ने दोनों को  अदालत में पेश कर आगामी पूछताछ और बरामदी के लिए 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर ले लिया था.रिमांड के दौरान पुलिस न्र दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर 85 ग्राम सोना, चांदी  के जेवर,एक टेबलेट,कैमरा ,लैपटॉप व् अन्य कीमती सामान बरामद किया था. 
 स दोहरे अंधे हत्याकांड का खुलासा कुछ इस प्रकार हुआ था.
इं नीरज और इं महाजन को पूरे केस की गहराई समझने के बाद उनका शक सीधा पंकज पर गया था.पंकज के पिता से पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि वारदात के दिन से ही पंकज शर्मा शहर से गायब है। पुलिस द्वारा उसके पिता से पूछताछ शुरू की गई जिसने यह बात मान ली की वारदात के समय उसका लड़का पंकज शर्मा मौके पर था मगर हत्यारोपी कोई और है। पुलिस ने तुरंत पंकज शर्मा को हिरासत में लिया जिसने अपने दोस्त नीरज कुमार का नाम उगला। इस अवसर पर उनके साथ .डी.सी.पी.-2 लखबीर सिंह, .डी.सी.पी. जे.एस. वालिया, .डी.सी.पी. हरजीत सिंह धालीवाल .सी.पी. मनजीत सिंह थे।
दोनों ही हत्यारोपी गगनदीप वर्मा के बेटे रिधम के दोस्त हैं जिनका अक्सर घर में आना-जाना था। दिसम्बर 2017 में गगनदीप वर्मा का बेटा रिधम कनाडा चला गया था।
पंकज नीरज को पता था कि अब दोनों मां-बेटी घर में अकेली रहती हैं जिस कारण पंकज ने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।  यह खुलासा पुलिस कमिश्नर एस.एस. श्रीवास्तव ने एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान किया। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम सैल के इंचार्ज इंस्पैक्टर वविन्द्र महाजन थाना सुल्तानविंड के इंचार्ज इंस्पैक्टर नीरज कुमार को उक्त आरोपियों के बारे में कुछ सुराग मिले जिस पर आज पंकज शर्मा को जांच के लिए हिरासत में ले लिया गया। कड़ी पूछताछ के दौरान पंकज शर्मा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया जिसके उपरांत दूसरे आरोपी नीरज कुमार को भी हिरासत में ले लिया गया।पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पंकज शर्मा नीरज कुमार ने योजना के अंतर्र्गत बाजार से क्लोरोफार्म की शीशी ली और 8.15 बजे गगनदीप वर्मा के घर पर चले गए जहां पहचान होने के कारण गगनदीप वर्मा ने घर का दरवाजा खोल दिया और दोनों हत्यारोपी अंदर जाकर बैठ गए। चाय पीने के उपरांत पंकज शर्मा ने गगनदीप वर्मा को क्लोरोफार्म सुंघाई जिस पर वह बेहोश हो बिस्तर पर गिर गई जिसके उपरांत आरोपी घर के ऊपर की मंजिल पर बैठी शिवनैनी के कमरे में दाखिल हुए और उसे भी क्लोरोफार्म सुंघा बेहोश कर दिया। दोनों आरोपियों ने घर की तलाशी ली और कुछ सोने के जेवरों के साथ-साथ नकदी चुरा ली। आरोपियों की नीयत खराब होने पर दोनों ने बेहोश शिवनैनी से अश्लील हरकतें भी कीं जिसके उपरांत सबूत मिटाने के लिए गगनदीप वर्मा उसकी बेटी शिवनैनी को जला कर आरोपी मौके से फरार हो गए।
तमाम पुलिस करवाई पूरी करने के बाद और रिमांड अवधि समाप्त होने पर मृतका गगन वर्मा और उन की बेटी शिव नैनी वर्मा की हत्या के अपराध में अभियुक्त पंकज और नीरज को पुन अदालत में पेश किया गया जहाँ अदालत के आदेश पर दोनों दोषियों को जिला जेल भेज दिया गया था.
(कथा पुलिस सूत्रों पर नाट्य रूपन्तरण)
-हरमिन्दर खोजी  

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Milan Tomic

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