देश के गरीब नागरिकों को भी न्याय पाने
का जन्मसिद्ध अधिकार है.
सोसायटी की सदस्य - एडवोकेट चरनजीत कौर, मीनाक्षी चौधरी और मनिंदर कौर
विगत वर्ष देहरादून की युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और आये दिन
शहरों, कस्बों और गांवों में मासूम बच्चियों से लेकर बजुर्ग महिलाओं के साथ हो रहे
दुष्कर्मों के बाद की चुप्पी अब परिवर्तन की लहर की दस्तक देने को तैयार है. ‘’ न्याय पैसे वालों की जागीर नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक
को इसे पाने का अधिकार है.’’
इसी सोच और जज्बे के साथ पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट की तीन महिला
वकीलों ने अब ट्राईसिटी में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और अपराधों की स्थिति
में पिडिताओं को स्वैच्छिक कानूनी सहायता के लिए सोसायटी बनाने की ठानी है.
उन्होंने गैंगरेप पीड़िता के दर्द पर शहर की चुप्पी को तोड़ते हुए सबको मिलकर आवाज़
उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जनजागरण के लिए मीडिया की भूमिका अहम् है जो
मीडिया बखूबी निभा रहा है.
हाईकोर्ट की एडवोकेट मीनाक्षी चौधरी, मनिंदर कौर और चरणजीत कौर ने इस
शुरुआत करने का बीड़ा उठाया है. अपने इस अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि
महिलाओं के खिलाफ अपराध दर चिंताजनक तरीके से बढ़ रही है.कोई बड़ा अधिकारी या कोई
नेता या फिर किसी ऊँची पहुंची हुई शख्शियत के साथ या उनकी परिवार की किसी महिला के
साथ यदि अपराध होता है तो बवाल खड़ा हो जाता है. लेकिन किसी गरीब की बेटी की आबरू
लुट जाये तो कोई अफ़सोस तक नहीं जताता है. इसी स्थिति को बदलने और उन्हें न्याय
दिलाने के उद्देश्य से ही इस सोसायटी का निर्माण किया जा रहा है. 1999 से हाईकोर्ट
में वकालत कर रही मीनाक्षी चौधरी में सोसायटी के बारे में बताया कि सोसायटी की ओर
से पीडिता का केस दायर होने से लेकर केस का अंतिम निर्णय होने तक कानूनी सहायता
मुफ्त दी जाएगी. सोसायटी ना केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेगी बल्कि
उनके पुनर्वास में भी उनकी सहायता करेगी. उन्होंने कहा कि हमारे समाज का तानाबाना
ऐसा है कि पीड़ित समर्थन व सहायता तक प्राप्त नहीं कर पति है. उत्पीड़न खासकर यौन
उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामले में बदनामी के डर से सभी मूक दर्शक बन जाते हैं.
इसका बड़ा कारण कानूनी प्रावधानों के बारे में सही जानकारी का आभाव है. सोसायटी ऐसी
पीड़िताओं की मुफ्त मदद कर सभी प्रकार की सहायता प्रदान करेगी. विगत 25 वर्षों से
वकालत कर रही मनिंदर कौर का कहना है कि न्याय मिलने में देरी पीड़िता का कानून से
विश्वास डगमगा देती है. ऐसे में सोसायटी पीड़िता को बिना किसी देरी के न्याय
सुनिश्चित करने के लिए कानूनी सेवा प्रदान करेगी. इस कार्य में कानूनी विशेषज्ञों,
रिटायर्ड जजों और अन्य बुद्धिजीवियों की सहायता व सलाह ली जाएगी.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की महिला एग्जिक्यूटिव सदस्य
चरनजीत कौर ने कहा है कि पीड़ितों के मामले में लड़ने के लिए हम ट्राईसिटी से अधिक
से अधिक महिला वकीलों को इस पहल और प्रयासों का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित
करेंगे.
-प्रस्तुती- हरमिन्दर कपूर

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