पति की लाश पर शौचालय बनवा दिया
संतोबाई को अदालत ने दोषी मान दी आजीवन कारावास की सजा .
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| अभियुक्ता सन्तोबाई |
देश में जबसे भाजपा की सरकार बनी है तबसे देश नें कोई और उन्नति की हो या नहीं पर घर-घर शौचालय बनानें की होढ ने खूब प्रगति की है कुछ अपराधी मानसिकता के लोगों ने तो अपना अपराध छुपानें के लिये भी शौचालय का प्रयोग करना शुरू कर दिया है ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों ग्वालियर मैं देखने को मिला है.
अवैध रिश्ते की राह में रोड़ा बन गए पति को हटाने के लिए महिला संतोबाई ने अपने प्रेमी के साथ
मिलकर पहले तो पति की हत्या की फिर उसके शव को जमीन में दफन करके उसके ऊपर शौचालय बनवा दिया. 7 माह तक महिला अपने पति के शव के ऊपर बने शौचालय का उपयोग करती रही. बाद में मृतक के भाई ने सक्रियता दिखाई और हत्याकांड का राजफाश हो पाया. घरेलू काम करने वाली संतोबाई ने अपने प्रेमी रवि के साथ मिलकर पति सुरेश की हत्या कर दी थी और फिर बाद में शव को ड्रम में रखकर जमीन में गाड़ दिया और उसके ऊपर शौचालय बनवा दिया. आश्चर्य की बात यह है कि सात महीने तक संतोबाई उसी शौचालयका इस्तेमाल करती रही थी लेकिन इस बात की किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगी थी. लेकिन सुरेश के भाई अशोक ने मांधोगंज थाने में 31 मई 2015 गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करादी थी, जब पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला खुल गया.
मिलकर पहले तो पति की हत्या की फिर उसके शव को जमीन में दफन करके उसके ऊपर शौचालय बनवा दिया. 7 माह तक महिला अपने पति के शव के ऊपर बने शौचालय का उपयोग करती रही. बाद में मृतक के भाई ने सक्रियता दिखाई और हत्याकांड का राजफाश हो पाया. घरेलू काम करने वाली संतोबाई ने अपने प्रेमी रवि के साथ मिलकर पति सुरेश की हत्या कर दी थी और फिर बाद में शव को ड्रम में रखकर जमीन में गाड़ दिया और उसके ऊपर शौचालय बनवा दिया. आश्चर्य की बात यह है कि सात महीने तक संतोबाई उसी शौचालयका इस्तेमाल करती रही थी लेकिन इस बात की किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगी थी. लेकिन सुरेश के भाई अशोक ने मांधोगंज थाने में 31 मई 2015 गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करादी थी, जब पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला खुल गया.
माधोगंज पुलिस ने संतोबाई व रवि के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया. संतोबाई को अदालत ने सरकारी सहायता से अधिवक्ता उपलब्ध कराया , क्योकि वह अधिवक्ता की फ़ीस देने में असमर्थ थी. ट्रायल के दौरान रवि की भूमिका संदिग्ध रही थी. इसके आधार पर रवि दोषमुक्त हो गया, लेकिन अपर सत्र न्यायालय ने दोषी महिला को आजीवन कारावास की सजा दी है. कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि महिला ने गंभीर अपराध किया है, यह क्षमा योग्य नहीं है. संतोबाई को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. और 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.

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