ब्लू वेल’
चैलेंज गेम या मौत की छलांग....?
सावधान! इस मौत के खेल से अपने बच्चों को जरुर बचाएं अन्यथा आप के घर में अँधेरा हो जाये गा !
इंटरनेट गेम ब्लू वेल चैलेंज ने मुंबई में एक 14
साल के बच्चे की जान ले ली है। अंधेरी ईस्ट में रहने वाले इस बच्चे ने शनिवार को
सातवीं मंजिल से छलांग लगा ली थी , इस बच्चे को ऑनलाइन सुसाइड गेम का शिकार बताया जा रहा है। बता दें कि इस गेम की वजह से रूस
में 130 लोगों की जान गई है।
ब्लू वेल गेम के निर्देश अनुसार अपने घर की छत से कूदकर सुसाइड करने वाला मासूम मनप्रीत सिंह
‘ब्लू वेल’ गेम एक ऐसा खूनी खेल है जिसके अंतिम पड़ाव में खेलनेवाले को अपनी जान देनी पड़ती है. रूस में करीब 160 लोगों की जान लेने के बाद अब ये गेम भारत में भी पहुंच गया है. इस खूनी गेम का पहला शिकार मुंबई के अंधेरी में रहने वाला 14 साल का मासूम बना है.
14 साल के मनप्रीत ने शनिवार शाम 5.45 बजे अपनी घर की छत से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. एक ऐसा होनहार बच्चा जो अक्सर हंसता रहता, अपने माता-पिता और अपनी बहनों का लाडला था. जो पढ़ाई से तेज़ था और बड़ा होकर पायलट बनना चाहता था.
आखिर इस बच्चे ने अपनी जान क्यों दी? इस सवाल का जवाब मुंबई पुलिस ढूंढ रही है. शुरुआती जांच में एक डरावने सच की कड़ी पुलिस के हाथ लगी है.
‘ब्लू वेल’ गेम एक ऐसा खूनी खेल है जिसके अंतिम पड़ाव में खेलनेवाले को अपनी जान देनी पड़ती है. रूस में करीब 160 लोगों की जान लेने के बाद अब ये गेम भारत में भी पहुंच गया है. इस खूनी गेम का पहला शिकार मुंबई के अंधेरी में रहने वाला 14 साल का मासूम बना है.
14 साल के मनप्रीत ने शनिवार शाम 5.45 बजे अपनी घर की छत से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. एक ऐसा होनहार बच्चा जो अक्सर हंसता रहता, अपने माता-पिता और अपनी बहनों का लाडला था. जो पढ़ाई से तेज़ था और बड़ा होकर पायलट बनना चाहता था.
आखिर इस बच्चे ने अपनी जान क्यों दी? इस सवाल का जवाब मुंबई पुलिस ढूंढ रही है. शुरुआती जांच में एक डरावने सच की कड़ी पुलिस के हाथ लगी है.
सूत्रों के मुताबिक़,
मनप्रीत इंटरनेट पर ‘ब्लू वेल’ चैलेंज नाम एक गेम
खेल रहा था जिसके आख़िरी पड़ाव पर पहुंचने के बाद मनप्रीत ने अपनी बिल्डिंग के छत
से छलांग लगाकर अपनी जान ले ली.
मनप्रीत के पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक़ कम्पनी के कुछ लोगों ने उस शाम मनप्रीत को छत पर घूमते देखा था. जब मनप्रीत कूदने जा रहा था तब कुछ लोगों ने आवाज़ देकर उसे रोकने की कोशिश की. उन्होंने मनप्रीत तक पहुंचने की कोशिश भी की लेकिन लोग उसे रोक पाते उससे पहले ही मनप्रीत ने मौत की छलांग लगा दी थी.
पुलिस के मुताबिक़ मनप्रीत ने अपने दोस्तों को इस गेम के बारे में भी बताया था. उसने कहा था कि वो सोमवार से स्कूल नहीं आएगा क्योंकि वो इस गेम के आख़िरी पड़ाव तक पहुंच चुका है. कॉलोनी के लोगों के मुताबिक़, जिन्होंने मनप्रीत को छलांग लगाते हुए देखा उन्होंने मनप्रीत को आखिरी समय में छत पर तस्वीरें खींचते हुए भी देखा था. यानि अपनी मौत से ठीक पहले.
मनप्रीत ने जब छलांग लगाई तब उसके घर पर उसकी मां और दो बहने थी. मनप्रीत अपने साथ एक मोबाइल फोन ले गया जिसमे उसने अपनी आख़िरी तस्वीरें खींची. कुछ मैसेज किए और अपने दोस्तों को अलविदा कहकर मौत की छलांग लगा डाली.
वहीं पुलिस भी इस मौत को ‘ब्लू वेल’ गेम से जोड़कर ही देख रही है और इस संदर्भ में जांच कर रही है. पुलिस मनप्रीत के मोबाइल फोन, उसके ईमेल, सोशल साइट्स पर उसके प्रोफ़ाइल के साथ साथ, मनप्रीत के परिवार वाले, दोस्तों और शिक्षकों से पूछताछ करेगी.
लेकिन क्या है ये ‘ब्लू वेल’ गेम और ये कैसे खेला जाता है? आखिर क्यों पता होने के बाद भी लोग अपनी जान गंवा देते है! जानकारों के मुताबिक़ इस गेम की शुरुवात साल 2013 में रूस में हुई. 26 साल के इया सिदोरोव नाम के एक शख्स ने इस गेम को बनाया. ये गेम ‘VKontakte’ नाम की यूरोपियन सोशल साइट के जरिए खेला जाने लगा.
मनप्रीत के पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक़ कम्पनी के कुछ लोगों ने उस शाम मनप्रीत को छत पर घूमते देखा था. जब मनप्रीत कूदने जा रहा था तब कुछ लोगों ने आवाज़ देकर उसे रोकने की कोशिश की. उन्होंने मनप्रीत तक पहुंचने की कोशिश भी की लेकिन लोग उसे रोक पाते उससे पहले ही मनप्रीत ने मौत की छलांग लगा दी थी.
पुलिस के मुताबिक़ मनप्रीत ने अपने दोस्तों को इस गेम के बारे में भी बताया था. उसने कहा था कि वो सोमवार से स्कूल नहीं आएगा क्योंकि वो इस गेम के आख़िरी पड़ाव तक पहुंच चुका है. कॉलोनी के लोगों के मुताबिक़, जिन्होंने मनप्रीत को छलांग लगाते हुए देखा उन्होंने मनप्रीत को आखिरी समय में छत पर तस्वीरें खींचते हुए भी देखा था. यानि अपनी मौत से ठीक पहले.
मनप्रीत ने जब छलांग लगाई तब उसके घर पर उसकी मां और दो बहने थी. मनप्रीत अपने साथ एक मोबाइल फोन ले गया जिसमे उसने अपनी आख़िरी तस्वीरें खींची. कुछ मैसेज किए और अपने दोस्तों को अलविदा कहकर मौत की छलांग लगा डाली.
वहीं पुलिस भी इस मौत को ‘ब्लू वेल’ गेम से जोड़कर ही देख रही है और इस संदर्भ में जांच कर रही है. पुलिस मनप्रीत के मोबाइल फोन, उसके ईमेल, सोशल साइट्स पर उसके प्रोफ़ाइल के साथ साथ, मनप्रीत के परिवार वाले, दोस्तों और शिक्षकों से पूछताछ करेगी.
लेकिन क्या है ये ‘ब्लू वेल’ गेम और ये कैसे खेला जाता है? आखिर क्यों पता होने के बाद भी लोग अपनी जान गंवा देते है! जानकारों के मुताबिक़ इस गेम की शुरुवात साल 2013 में रूस में हुई. 26 साल के इया सिदोरोव नाम के एक शख्स ने इस गेम को बनाया. ये गेम ‘VKontakte’ नाम की यूरोपियन सोशल साइट के जरिए खेला जाने लगा.
सिदोरोव पर आरोप है की उसने ख़ुद 16 बच्चों को इस गेम के
जरिए आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया था और इस मामलेमें उसकी गिरफ़्तारी भी हुई थी लेकिन इसके बाद भी यह
गेम अमेरिका, इंग्लैंड, सऊदी अरब के बाद
भारत तक पहुंच चुका है. ये लोग किशोर अवस्था के बच्चों को इस गेम मे शामिल करते
है.
ये गेम क्लोज्ड ग्रुप में खेला जाता है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे साइट्स पर इंविटेशन के जरिए इस गेम में आप शामिल हो सकते हो. इस गेम के कुल 50 पड़ाव होते है जिससे आपको 50 दिनों में पूरा करना होता है. हर पड़ाव में एक चैलेंज आपको दिया जाता है जिसे पूरा करने पर आपको उसकी तस्वीर इस गेम के एडमिन को ग्रुप पर भेजनी होती है.
आप इस गेम से बाहर निकल भी सकते है लेकिन अगर आप गेम से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे तो इस गेम को चलाने वाले आपके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते है.
लेकिन सवाल उठता है कि जब किसी को पता है कि इस गेम में मौत ही होनी है तो लोग इसे क्यों खेलते है? इसी लिए माता पिता को भी उनका बच्चा इंटरनेट पर क्या देखता है क्या करता है इस पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी हो जाता है.
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और इस गेम पर रोक लगाने की सरकार पुरज़ोर कोशिश भी करने जा रही है. जानकार मानते है कि इस गेम को रोकना बेहद मुश्किल काम है, लिहाज़ा माता-पिता को ही अपने बच्चों की हरकत पर ध्यान देना जरूरी है." - सावधान! इस मौत के खेल से अपने बच्चों को जरुर बचाएं
ये गेम क्लोज्ड ग्रुप में खेला जाता है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे साइट्स पर इंविटेशन के जरिए इस गेम में आप शामिल हो सकते हो. इस गेम के कुल 50 पड़ाव होते है जिससे आपको 50 दिनों में पूरा करना होता है. हर पड़ाव में एक चैलेंज आपको दिया जाता है जिसे पूरा करने पर आपको उसकी तस्वीर इस गेम के एडमिन को ग्रुप पर भेजनी होती है.
आप इस गेम से बाहर निकल भी सकते है लेकिन अगर आप गेम से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे तो इस गेम को चलाने वाले आपके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते है.
लेकिन सवाल उठता है कि जब किसी को पता है कि इस गेम में मौत ही होनी है तो लोग इसे क्यों खेलते है? इसी लिए माता पिता को भी उनका बच्चा इंटरनेट पर क्या देखता है क्या करता है इस पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी हो जाता है.
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और इस गेम पर रोक लगाने की सरकार पुरज़ोर कोशिश भी करने जा रही है. जानकार मानते है कि इस गेम को रोकना बेहद मुश्किल काम है, लिहाज़ा माता-पिता को ही अपने बच्चों की हरकत पर ध्यान देना जरूरी है." - सावधान! इस मौत के खेल से अपने बच्चों को जरुर बचाएं
साभार-पत्रिका-एबीपी
न्यूज़




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