पाकिस्तानी ख़ुफ़िया ऐजंसी का नया जाल, =अहसान-उल-हक=





          पाकिस्तानी ख़ुफ़िया ऐजंसी का नया जाल,            

लवजेहाद और हनीट्रिप
एहसान  उल हक़ भारतीय पत्नी बलविंदर कौर के साथ 
इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह की नज़र पिछले कई दिनोंसे गाँव अलीपुर के एक आदमी पर जमी हुई थी. वह शक्स उन्हें जाना पहचान सा लगता था पर उन्हें यह याद नहीं  रहा था कि उक्त आदमी को उन्होंने कहां देखा है,वह इस ओर अधिक ध्यान नहीं दे पाए थे और उन्होंने मुखबिर कोउस पर नज़र रखने के लिए कह दिया था इस के बाद इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह इस बात को कुछ समय के लिए जैसे भूल गए थे कि अचानक एक दिन शोषल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर किसी व्यक्ति का पुराना स्टेट्स देख वह चौंक उठे थे और उन्हें वह व्यक्ति भी याद  गया था जिसे पहचान ना पाने के कारण वह परेशान थे. दरअसल उन्होंने उस चेहरे को फेसबुक पर ही देखा था. पूरी बात दिमाग में बैठ जाने के बाद उन्होंने मुखबिर सहित अपने कुछ होशियार पुलिस कर्मी भी उस आदमी के पीछे लगा दिए थे. सब को निर्देश थे कि उक्त व्यक्ति की रहस्यमयी गतिविधियों पर नज़र रखते हुए उसकी पूरी कुंडली का पता लगाना है!


पुलिस हिरासत में अहसान 
दिनांक 11 अक्टूबर को जी.टी रोड परागपुर नियर मक्डोनाल अपने साथी पुलिस कर्मियों एएसआइ कमलजीत सिंह-मंगत सिंह हवालदार गुरमीत सिंह – मनदीप कुमार और सिपाही संदीप के साथ गश्त चैकिंग के लिए नाकाबंदी कर खड़े थे कि खास मुखबिर और उसके साथ लगाये गये पुलिस कर्मियों ने आकर उक्त व्यक्ति के बारे चौंका देने वाली सूचना दी थी जिसे सुनते ही इं सुखदेव सिंह ने वायरलेस मैसेज दूवारा यह खबर अपने आला अफसरान तक पहुंचायी. वायरलेस मैसेज पर सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर जालन्धर-पी के सिन्हा-डीसीपी इन्वेस्टीगेशन गुरमीत सिंह- स्पैशल ब्रांच एसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों-इंस्पेक्टर विमल कान्त-सुखदेव सिंह-चौकी प्रागपुर प्रभारी एएसआई कमलजीत सिंह-मंगत राम-हरपाल सिंह-हवलदार गुरमीत सिंह-मंडप कुमार-सिपाही संदीप और बंटी कुमार के साथ जिला सीआइए स्टाफ पुलिस और स्पैशल आपरेशन यूनिट(पंजाब पुलिस) की टीम ने संयुक्त टीमों ने एक आपरेशन के अलीपुर गाँव की कालोनी की एक कोठी में रेड कर वहां से अहसान-उल-हक़ और बलवंत कौर नामक औरत को हिरासत में ले लिया था. कोठी में चप्पे-चप्पे की तलाशी लेने के बाद कोठी को सील कर दिया गया था और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना सदर जालन्धर लय गया जहाँ सबसे पहले सीआइए स्टाफ की टीम ने पूछताछ शूरू की थी पर इसके पहले इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने अपराध संख्या -231/17 पर भा.दंड.संहिता (आईपीएस) की धारा- 419-420-465-467-468-471-120B और 14 फोर्जर एक्ट-1946 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर अहसान-उल-हक और बलवंत कौर को न्यायालय में पेश कर 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर ले लिया था.
जालन्धर केंट के आर्मी एरिया में गुपचुप तरीके से कोठी बना कर रहने वाले अहसान-उल-हक से की गई प्रारम्भिक पूछताछ में ही यह बात स्पष्ट हो गई थी कि वह पाकिस्तानी मूल का आस्ट्रेलियन नागरिक है. उसके पास पाकिस्तान और आस्ट्रेलिया की दोहरी नागरिकता थी और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईसीआई ने उसे एक खास मकसद के लिये यह भेजा है. 


पंजाब स्थित अपनी कोठी में अहसान 
इसके पहले भी अहसान कई बार पाकिस्तान से भारत के अलग-अलग शहरों में अपने मकसद के लिए आता-जाता रहा था. कोठी की तलाशी के दौरान मिली आपत्तिजनक सामग्री और अन्य कई सबूतों के आधार पर यह तो साबित हो ही गया था कि वह ना केवल एक पाकिस्तानी जासूस (एजेंट) है बल्कि बेहद खतरनाक और चालक इन्सान भी है. भारत आने का उसका खास मकसद क्या है यह जानने के लिए एहसान-उल-हक को जॉइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) अमृतसर भेजा गया है। यहां पर देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों ने हक से पूछताछ शूरू कर दी हैं। हक को पुलिस ने पूछताछ के लिए 7 दिन के रिमांड पर लिया है। इस के पहले रिमांड दौरान हुई पांच दिन की पूछताछ में यह बात को क्लियर हो चुकी है कि हक का इरादे ठीक नहीं थे। उसे वीजा देने से पहले ही एम्बेसी ने शर्त रखी थी कि वह इंडिया के किसी आर्मी एरिया में नहीं जाएगामगर वह जाता रहा। उसने खुद को इंडियन नागरिक बता कर आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया था। इतना ही नहीं जमीन खरीद कर कोठी तक बना ली थी. हसन-उल-हक यह मानने को तैयार नहीं है कि वह पाक का जासूस है।
फर्जी दस्तावेज़ बनाने वाला अहसान का साथी 
आर्मी एरिया से करीब 3 किलोमीटर दूर अलीपुर कॉलोनी में नई कोठी बनाकर दूसरी बीवी बलविंदर कौर के साथ रह रहे पाक के एहसान-उल-हक के पास फिलहाल ऑस्ट्रिया की नागरिकता है। उसने खुद को गांव सलेमपुर मसंदा का बताकर फर्जी तरीके से आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया था। पुलिस ने उसका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। पाक और ऑस्ट्रिया की एंबेसी को जानकारी दी गई है। वह ऑस्ट्रिया से 13 सितंबर को जालंधर आया था। पुलिस ने उसकी बीवी बलविंदर कौर भी मुकदमा दर्ज किया है। अहसान ने सन 2010 में मुकुंदपुर निवासी बलविंदर कौर के साथ शादी की थी। इन सात साल में वह पांच बार भारत आ चुका है। अहसान ने महिला से आस्ट्रियाई निवासी बताकर शादी रचाई और उसने यहां अहसान उल हक के नाम से ही आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया था।
 जिस तरह आरोपी आर्मी एरिया के पास रह रहा थाउससे आशंका है कि वह खुफिया जानकारी जुटाने के लिए बेस बना रहा था। शक ये भी है कि आरोपी पाकिस्तान की आर्मी का स्लीपर सेल हो सकता है। हक ने बताया कि सन 2015 में उसने अपने दोस्त की मदद से कैंट एरिया के पास जमीन खरीदी। गांव अलीपुर में पौने 4 मरले जमीन का करीब साढ़े 5 लाख में सौदा कियामगर जमीन खरीदने के लिए भारतीय होना जरूरी था। इसलिए उसने यहां के एक एजेंट से फर्जी तरीके से आधार कार्ड और फिर इसके बाद पैनकार्ड भी बनवा लिया।जमीन पर कोठी बनाकर वह बलवंत कौर के साथ रहने लगा ताकि किसी को उसपर सन्देह ना हो.
इस बीच पुलिस अहसान के भारतीय दस्तावेज बनाने वाले टेक चन्द नामक युवक तक भी पहुंच गई थी. दिनांक-14-10-2017 को पुलिस ने तेज चन्द को अरेस्ट करने के बाद अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया था. टेक चन्द से बरामद लेपटोप औए अन्य बरामद दस्तावेजों से अहसान से सम्बन्धित अन्य कई रहस्यों से भी पर्दा उठा था. टेकचंद फर्जी दस्तावेज बनाकर आधार कार्ड बनाने का काम करता थालेकिन सारे दस्तावेज नहीं बना सकता था। ऐसे में पुलिस ने जब उसका लैपटॉप चेक किया तो और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि पुलिस ने उन नामों का खुलासा नहीं किया है. पूछताछ कर उसका साथ देने वाले लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके अलावा पुलिस टेकचंद के सरकारी विभाग के संपर्क सूत्रों का भी पता लगा रही है ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस कमिश्नर  पी के सिन्हा 
अहसान से आगे की गई पूछताछ में जो बातें सामने आई वह यह थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में जासूसी करवाने के लिए अपने एजेंट्स को हनीट्रैप की ट्रेनिंग देकर भेज रही है। उसका मकसद यहां की लड़की से शादी कराके अपने एजेंट को भारत की सिटिजनशिप दिलाना हैताकि उस पर शक न हो. विगत वर्ष देश में लव जेहाद के जो मामले सामने आए थे वह भी इसी साजिश का ही एक हिस्सा थे. ताजा मामला जालंधर से पकड़े गए पाकिस्तानी एहसान-उल-हक का सामने आया है। उसने फेसबुक पर दोस्ती करके भारतीय लड़की से शादी कर ली। हालांकिउसने खुद को जासूस नहीं माना हैउससे पूछताछ हो रही है। इससे पहले भी जालंधर और फिरोजपुर में ऐसे ही 2 केस सामने आ चुके हैं। इसमें राजौल्लाह और आलम नामक दो पाकिस्तानियों को पकड़ा गया था।
पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक शहर ननकाना साहिब के निकट गांव सेहजा में 2 अगस्त 1964 में जन्मे अहसान के पास दोहरी नागरिकता है. भारत-पाक बंटवारे से पहले अहसान का परिवार फगवाड़ा पंजाब के रानीपुर में रहता था। विभाजन के बाद यह परिवार ननकाना साहिब पाकिस्तान जाकर बस गया था। बीकॉम पास करने के बाद सन 1996 में अहसान सबसे पहले पाकिस्तान से सऊदी अरब गया था। वहां पर उसने 10 साल तक काम किया। फिर 2006 में अकाउंटेंट बनने के लिए वियनाऑस्ट्रिया गया। वहां नागरिकता के लिए उसने 46 साल की उम्र में 60 साल की महिला से शादी की और वहां के अस्पताल में वार्डबॉय का काम किया। वर्ष 2009 में तलाक लेकर पाकिस्तान वापस आ गया। पाकिस्तान में दोहरी नागरिकता को मंजूरी देने का प्रावधान था। ऐसे में अहसान दोनों देशों का नागरिक बन गया। अहसान उल हक ने अपना जो आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया था उस पर उसका नाम तो असली है लेकिन नागरिकता भारतीय और पता पंजाब के जालंधर जिले के अलीपुर का है। पता चला है कि आधार और पैन कार्ड बनाने के लिए जितने भी दस्तावेज जिनमें स्कूल सर्टिफिकेटराशन कार्ड की कॉपी शामिल हैसब जाली थे। 
 वर्ष 2011 में अहसान ने फेसबुक के जरिए इंडिया पंजाब -नवांशहर के गांव मुकंदपुर की बलविंदर कौर से दोस्ती की और उसे अपने प्यार के जाल में फंसा कर शादी करने की इच्छा जताई. अहसान का शादी वाला प्रपोजल सुन कर बलविंदर कौर तैयार हो गई थी पर उसने पहले नवां शहर आकर मिलने की इच्छा व्यक्त की थी. अहसान के लिए यह एक समस्या खड़ी हो गई थी पर इसका हाल भी उसने जल्दी ही दूंढ लिया था. उसने ऑस्ट्रिया में ही रह रहे पंजाब के हरबंस लाल नामक युवक से दोस्ती की और फिर सन 2012 में हरबंस की शादी में शामिल होने के लिए जालंधर के गांव सलेमपुर मसंदा आया। यहां आकर वह बलविंदर कौर को मिला और उसे देखा. बलविंदर कौर ने उसे देखते ही पसंद कर लिया था. उसके परिवार वालों को भी इस शादी से कोई एतराज नहीं था. हाँ यह बात अलग है की शादी के समय अहसान ने अपने पाकिस्तानी होने की बात बलविंदर और उसके घरवालों को बताई थी या नहीं. शादी की रजामंदी मिलने के बाद एक सादे समारोह में दोनों ने गाँव कोट कलां में शादी कर ली. अपनी शादी के वक्त अहसान बाकायदा सिक्खी पगड़ी बांध कर एक सिख युवक के रूप में दूल्हा बनकर बलविंदर कौर को ब्याहने आया था. बलविंदर की यह सेकंड मैरिज थी। बलविंदर का दुबई में रह रहे शख्स से तलाक हो चुका था।  शादी के बाद अहसान -बलविंदर को वह अपने साथ कुछ दिन के लिए पाकिस्तान भी लेकर गया था। इसके बाद उसका इंडिया में आना-जाना शुरू हो गया। शादी से पहले वह इंडिया में आकर अपने दोस्त हरबंस के घर रुकता था पर बलविंदर कौर के साथ शादी हो जाने के बाद उसकी यह समस्या खत्म हो गई थी अब वह जब भी इंडिया आता अपनी ससुराल नवां शहर में रुकता था.

इस बीच थाना मुकंदपुर पुलिस ने बलविंदर कौर की मां सुरिंदर कौर से भी पुलिस ने थाने में बुलाकर पूछताछ की थी. हालांकि मोटी-मोटी जानकारी लेने के बाद सुरिंदर कौर को वापिस घर जाने दिया गया था. बलविंदर के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। बैविंदर कौर की पहली शादी आदमपुर के एक गांव में हुई थीवह दुबई में कम करता था. बलविंदर की अपने पति और उसके परिवार वालों के साथ कभी नहीं बनी थी सो दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद शादी के दो-अढ़ाई साल बाद ही दोनों का पंचायती तलाक हो गया। इसके बाद वह फेसबुक पर अहसान-उल-हक के संपर्क में गई तथा दोनों ने शादी कर ली लेकिन बड़ी बात यह है कि गांव या मोहल्ले वालों को इस दूसरी शादी के बारे में अधिक कुछ नहीं पता है। कुछ लोग तो उसकी शादी आस्ट्रिया में हुई मान रहे थेजबकि कुछ यह मान रहे थे कि वह जालंधर में ब्याही है। बलविंदर के दो भाई हैंजिनमें से एक विदेश में हैंजबकि दूसरा गांव में ही मजदूरी करता है। गांव के लोगों का कहना है कि बलविंदर ने शादी पाकिस्तानी से की हैयह बात उन्हें पकडे जाने के बाद अब मीडिया से पता चली है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि बलविंदर कौर तीन बार पाकिस्तान हो आई  है. वह दो बार ट्रेन तो एक बार बस के जरिए पाकिस्तान गई थी. अहसान-उल-हक को जेल भेज देने के बाद भी पुलिस और जाँच एजेंसियों के सामने कई अनसुलझे सवाल अपना सर उठाये खड़े है.?
अहसान आस्ट्रिया से सीधा इंडिया क्यों नहीं आता था, वह इंडिया आने से पहले पाकिस्तान क्यों जाया करता था.
अहसान की बलविंदर कौर के साथ शादी हुए लगभग 5 वर्ष हो गए है पर अभी तक उसने अपने परिवार को बढ़ाने की कोशिश नहीं की थी.?
अहसान के बयानों अनुसार कि पत्नी बलविंदर कौर के साथ उसे आस्ट्रिया सेटल होना था यदि ऐसी योजना थी तो फिर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आर्मी एरिया में कोठी क्यों बनवाई थी.?
अहसान हर समय अपने पास जेब में पाकिस्तानी सिमकार्ड क्यों रखता था जबकि वह अपना फोन पाकिस्तान में ही छोड़ कर इंडिया आता था.?
इसके अलावा भी अभी कई सवाल बाकी है जिन का जवाब जाँच एजेंसियों को तलाशना होगा. अहसान कब-कब आस्ट्रिया से पाक और फिर भारत आया वह ऑस्ट्रिया से पिछले साल 18 मई को पाक गया था। तीन दिन रुकने के बाद विजिटर वीजा पर 21 मई 2016 को वाघा बार्डर से जालंधर आया। नया घर बन चुका था। 19 जून, 2016 को वह वापस पाक और फिर वहां से ऑस्ट्रिया चला गया। इसी साल 13 सितंबर को फिर पाक से विजिटर वीजा पर भारत आया। तीन दिन वह पाक में रुका। अहसान दावा करता है कि- इस बार उसने बलविंदर कौर को साथ ले जाना था। बलविंदर के डॉक्यूमेंट उसने तैयार करवाने दे रखे थे। अहसान का इंडिया से 29 नवंबर को वीजा खत्म होना था पर इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया था.
पुलिस कमिश्नर पीके सिन्हा का कहना है कि- अब तक की जांच में बलविंदर कौर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. पूछताछ के  बाद उसे घर भेज दिया गया था. 
अहसान-उल-हक को 15 दिनों तक जाँच एजेंसियों ने दिनांक 25-10-2017 को रिमांड अवधि  समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था पर लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस और जाँच एजेंसियां उससे पूरी बातें उगलवा नहीं पाई थी !
( कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित )
हरमिंदर खोजी-

                               ---बाक्स ---
लव जेहाद और हनी ट्रिप के पंजाब में अब तक यह मामले सामने आये है.
केस-1—एहसान-उल-हक: फेसबुक लवर बलविंदर कौर से सन 2012 में शादी की थी
जालंधर में पाकिस्तानी सिटिजन एहसान उल हक को पकड़ा गया है। उसने फेसबुक पर बलविंदर कौर से दोस्ती कर उसे प्यार में फंसाया फिर 19 जुलाई 2012 को शादी कर ली।
शादी गांव कोटकलां में पंजाबी रीति रिवाज से की थी। वो दुल्हा बनकर बाकायदा पगड़ी बांधकर आया था।
उस पर शक तब हुआजब उसने खुद को भारतीय बताकर आधार और पैन कार्ड बनवायाफिर अलीपुर कॉलोनी में कोठी बनवा ली।
हक से खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। अभी तक उसने नहीं माना है कि वह जासूस हैलेकिन सबूत उसके खिलाफ हैं।
केस-2---राजौल्ला:  लड़की की इन्फॉर्मेशन पर पकड़ा गया था
अगस्त 2010 को फिरोजपुर पुलिस ने 24 साल के राजौल्लाह को पकड़ा था। वह आईएसआई एजेंट था और नेपाल से इंडिया में आया था।
उसने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कैटरिंग का काम शुरू किया था। लोग उसे राकेश कुमार बुलाते थे। उसने वोटर कार्डड्राइविंग लाइसेंस तक बनवा रखे थे।
वह बड़े आराम से आर्मी एरिया में बुलेट पर घूमता था। उसके चक्कर में तीन लड़कियां फंसी थीं। तीसरी को पता चल गया था कि राकेश दो और लड़कियों से अफेयर है।
उसकी गर्लफ्रेंड ने ही पुलिस को इन्फॉर्मेशन दी थी। पकड़ा गया तो खुलासा हुआ कि वह पाकिस्तानी है और आईएसआई के लिए जासूसी करता था।
उसने माना कि उन्हें सिखाया गया था कि इंडिया में जाकर सबसे पहले लड़की से ही दोस्ती करनी है।
केस-3--मोहम्मद आलम:  दोस्त की बहन से शादी की थी
जालंधर के वर्कशॉप चौक के पास 21 अगस्त 2010 को पाकिस्तानी मोहम्मद आलम को पकड़ा था। वह यहां गोलगप्पे बेचने की आड़ में जासूसी कर रहा था।
उसे 14 साल कैद करवाने वाले पूर्व सीआईए इंचार्ज सतीश मल्होत्रा 
(अब रिटायर एसपीकहते हैं कि आलम ने माना था कि उन्हें ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि कैसे भारतीय लड़की को प्यार में फंसाकर शादी करनी है। ऐसा करके वे पासपोर्ट जैसे अहम दस्तावेज बनवा सकते हैं।
आलम 2006 में नेपाल से भारत आया था। जालंधर में उसने सब्जी बेचने वाले जितेंद्र सिंह से दोस्ती की। नाम ठाकुर अमरदास बताया। फिर जितेंद्र की शादीशुदा बहन प्रिया सिंह से शादी कर ली।आलम दो साल तक गांव रंधावा मसंदा में किराए पर रहा था !
अहसान-उल-हक को 15 दिनों तक जाँच एजेंसियों ने दिनांक 25-10-2017 को रिमांड अवधि  समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया था पर लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस और जाँच एजेंसियां उससे पूरी बातें उगलवा नहीं पाई थी. कुछ अनसुलझे सवाल यह भी है.
अहसान-उल-हक ने बंगा की लड़की बलविंदर कौरजो उससे उम्र में आधी हैके साथ शादी की। अहसान आस्ट्रिया में भी दूसरी शादी रचा सकता था। किसी और देश की लड़की से शादी कर सकता था लेकिन उसने भारतीय लड़की का ही चुनाव किया। सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं यह लव जेहाद का मामला तो नहीं। पुलिस भले ही कहे कि जासूसी वाला एंगल नहीं है लेकिन पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को अपने असली नाम पर आधार कार्ड बनाने की क्या आवश्यकता थीइसका जवाब पुलिस के पास नहीं था।
अहसान की गिरफ्तारी काफी नाटकीय रही। सात साल से पाकिस्तान और आस्ट्रिया से भारत आ जा रहे अहसान के बारे में किसी को कुछ नहीं पता चला। गुप्तचर एजेंसियां भी इस बारे में कुछ पता नहीं




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Milan Tomic

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