- परफेक्ट प्लान -


--परफेक्ट प्लान--
                                                                                               माडल चित्र 

हरविंदर उर्फ़ हिन्दा की हत्या एक सोची समझी साजिश के तहत चुनाव से मात्र एक सप्ताह पहले की गई थी. चुनाव से मात्र एक सप्ताह पहले किसी प्रत्याक्षी की हत्या होने से बहुत बड़ा बवाल मच सकता था.पुलिस को हरविंदर की पत्नी किरणदीप कौर के बयानों में शुरू से ही झोल दिखाई दे रहे थे. किरणदीप कौर ने पुलिस को बताया कि हरविंदर सिंह रात तीन लोगों के साथ सफेद कार में बैठकर कहीं गए थे. वो सभी लोग देर रात घर लौटे. चारों ने शराब पी हुई थी. पहले तीनों युवक हरविंदर को घर छोड़कर चले गए थेलेकिन रात 11 बजे वो लोग दोबारा वापस आए.पुलिस को यह बात भी हजम नहीं हो रही थी कि कुश्ती का एक राष्ट्रीय खिलाड़ी मात्र तीन मरियल से लोगों द्वारा मारा जा सकता है.
राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी मृतक हरविंदर सिंह 

जिला परिषद चुनाव में बठिंडा के जोन गिल कलां से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरविंदर सिंह उर्फ हिन्दा की हत्या ने पूरे राजनैतिक क्षेत्र में तहलका मचा दिया था. हिन्दा की हत्या उसी के घर पर ही की गई थी. दिनांक 10 सितम्बर की सुबह के शुरूआती दौर में जो खबर आई थी वह यह थी कि हिन्दा की हत्या किन्हीं अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मारकर की थी. पर बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिन्दा की हत्या गोली से नहीं बल्कि तेजधार हथियार से की गई थी. पंजाब में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव 19 सितम्बर 2018 को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होने थे. मतदान सुबह आठ बजे शुरू होकर शाम चार बजे तक चलना था. मतगणना 22 सितंबर 2018 को होनी थी. इन चुनावों के तहत जिला परिषद के कुल 354 और पंचायत समिति के लिए 2,900 सदस्य निर्वाचित होने थे. राज्य में कुल 22 जिला परिषद और 150 पंचायत समितियां हैं. राज्य में कुल 1,27,87,395 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 60,99,053 महिलाएं और 97 ट्रांसजेंडर शामिल हैं. शांतिपूर्ण मतदान के लिए राज्य सरकार ने 17,268 मतदान केन्द्र बनाए और 35 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे. इसके अलावा पंजाब पुलिस के 50,000 जवानों को राज्य भर में तैनात किया गया था. पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्ता थी. इन सब के बावजूद दिनांक 9-10 सितम्बर की मध्य रात्रि थाना सदर रामपुर क्षेत्र के गाँव जेठूके में हिन्दा को उसी के घर पर मौत के घाट उतार दिया गया था.
हिन्दा की लाश सबसे पहले उसकी पत्नी किरनपाल कौर ने सुबह 6 बजे उस समय देखी थी जब वह उठकर हिन्दा के कमरे की तरफ आई थी. हिन्दा की लाश खून से लथपथ उसके कमरे में बेड पर पड़ी हुई थी. किरणपाल ने अपने देवर जसविंदर सिंह और पड़ोस में रहने वाले ग्राम सरपंच धर्म सिंह को बुलाया और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही थाना सदर रामपुर प्रभारी एस आई निर्मल सिंह, एएसआई अमृतपाल सिंह, मनजिंदर सिंह, हवलदार शेर सिंह, गुरसेवक सिंह  सिपाही गुरप्रीत और गुरप्रीत सिंह तथा लेडी सिपाही अमनदीप कौर घटनास्थल पर पहुंच गये थे. चुनाव से मात्र एक सप्ताह पहले किसी प्रत्याक्षी की हत्या होने से बहुत बड़ा बवाल मच सकता था इस लिए प्रभारी निर्मल सिंह ने इस घटना की सूचना तुरंत अपने उच्च अधिकारीयों को देकर शीघ्र घटनास्थल पर आने का अनुरोध किया.
अपना नामांकन पत्र डीसी को सौंपते हुए हरिंदर सिंह उर्फ़ हिन्दा 
सूचना मिलते ही आई.जी. बठिंडा जोन एम.एफ. फारूकी, एसएसपी डाक्टर नानक सिंह और कई आला अफसर मौका पर पहुँच गये थे. मामले की जांच के दौरान पुलिस को हरविंदर सिंह के बेड के पास से शराब की एक बोतल बरामद हुई थी. मृतक की पत्नी किरणदीप कौर ने पुलिस को बताया कि हरविंदर सिंह रात तीन लोगों के साथ सफेद कार में बैठकर कहीं गए थे. वो सभी लोग देर रात घर लौटे. चारों ने शराब पी हुई थी. पहले तीनों युवक हरविंदर को घर छोड़कर चले गए थे, लेकिन रात 11 बजे वो लोग दोबारा वापस आए. हरविंदर ने उसे और बेटे मनदीप सिंह को ऊपर वाले कमरे में भेज दिया था. यह हरविंदर का रोज का ही काम था और इन दिनों तो चुनाव की तैयारियां चल रही थी सो नये-नये लोगों का घर में आना-जाना लगा रहता था. इसलिए उसने अधिक ध्यान नहीं दिया था. वह ऊपर के कमरे में जाकर बेटे के साथ सो गई थी. फिर चारों ने मिलकर दोबारा शराब पी थी. अगली सुबह हरविंदर का शव खून से लथपथ हालत में बेड पर पड़ा मिला था. वे तीन लोग कौन थे, कहाँ से आये थे इस बारे ने किरनपाल कौर कुछ ना बता स्की थी. उसने बताया था कि इसके पहले उसने उन युवकों को कभी नहीं देखा था. दोबारा सामने आने पर वह उन्हें पहचान सकती है. पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध संख्या -95/18 पर हत्या की धारा – 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का कारण दम घुटना बताया गया था. हरविंदर की हत्या गला दबाने से हुई थी हालांकि उसके सिर पर गहरे चोटों के जख्म थे पर हत्या डीएम घुटने से हुई थी. हत्यारों ने पहले उसकी गला घोंट कर हत्या की होगी और बाद में किसी तेजधार हथियार से उसके सिर पर वार किये होंगे.
इस वारदात की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के वरिष्ट नेताओं का मृतक के घर पर जमवाड़ा लग गया था. हरविंदर की हत्या से गुस्साए आम आदमी पार्टी के नेताओं और ग्रामीणों ने बठिंडा-बरनाला नेशनल हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया था. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हरविंदर की हत्या के तीनों आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए. जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. बता दें कि गिल कलां जोन आप के गढ़ मौड़ विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है. यह सीट आप विधायक जगदेव सिंह कमालू ने जीती थी. यह क्षेत्र राजनीतिक दलों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस लिए ऐन चुनाव से ठीक पहले हुई हरविंदर की हत्या ने राजनीती को हिला कर रख दिया था. धरने-प्रदर्शन पर बेकाबू होती जनता को देखकर पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियाँ बुलाई गई और आई.जी. बठिंडा जोन एम.एफ. फारूकी के आश्वासन देने के बाद बड़ी मुश्किल से भीड़ को काबू किया गया था.
हरिन्दर की पत्नी किरण दीप कौर और अन्य हत्यारे 
रविंदर की हत्या का पुलिस के ऊपर बड़ा दबाव था. पुलिस बड़े फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही थी. जरा सी लापरवाही बहुत बड़ा बवाल खड़ा कर सकती थी. पुलिस ने अपनी सारी ताकत इस मामले को सुलझाने में झोंक दी थी. खबरियों का जाल पूरे इलाके में फैला दिया गया था. क्राईम सीन को कई बार री क्रिएट किया गया था. हरविंदर के परिवार में मात्र चार लोग थे. खुद हरविंदर, पत्नी किरणदीप कौर, 14 वर्षीय बीटा मनदीप सिंह और 76 वर्षीय पिता कुलदीप सिंह. कुलदीप सिंह को कम सुनाई और कम दिखाई देता था. हरविंदर सिंह का छोटा भाई जसविंदर सिंह कोठी के पीछे बने पशुओं के बाड़े में रहता था. घर का कोई सदस्य हरविंदर के काम और उसकी बातों में दखलंदाजी नहीं करता था. पोलिस ने हरविंदर के फोन काल डिटेल भी खंगाले थे पर उनमे कोई संदिग्ध बात दिखाई नहीं दी थी. क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों और सुपारी किल्लरों से भी पूछताछ की गई थी पर पुलिस के हाथ इस हत्याकांड के दो दिन गुजर जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा था.ज्यों-ज्यों चुनाव के दिन निकट आ रहे थे जनता और राजनैतिक पार्टियों का आक्रोश पुलिस पर बढ़ता जा रहा था. पुलिस के सामने यह बात अभी तक स्पष्ट नहीं हो रही थी कि हरविंदर के साथ शराब पीने वाले वह तीन लोग कौन थे. पुलिस बार- बार किरणदीप कौर के बयानों में सच-झूठ तलाशने में लगी हुई थी. किरणदीप के ब्यान पुलिस को संदेहास्पद लग रहे थे. लेकिन समय की नजाकत को देखते हुए पुलिस किरनदीप पर कोई सख्ती भी नहीं कर सकती थी. हरविंदर की हत्या का मामला पुलिस के सामने बहुत बड़ी चुनौती बन गया था. इस केस को ट्रेस करने के लिए पुलिस की 12 टीमें लगीं हुई थी और एसएसपी डाक्टर नानक सिंह खुद इस केस की सुपरविजन कर रहे थे. आखिर आशा की एक किरण दिखाई दी थी.

हरिन्दर के घर के बाहर बेकाबू जनता 
स केस में बड़ी दूर तक खुदाई करने के बाद एक बहुत बड़ा सुराग पुलिस के हाथ लगा था. पुलिस को यह पता चला था कि मृतक हरविंदर की पत्नी किरनदीप का मानसा निवासी संदीप नामक युवक के साथ पिछले कई वर्षो से अवैध सम्बन्ध है. वैसे भी पुलिस को शुरू से ही यह मामला राजनीती से जुदा नहीं लग रहा था. संदीप का नाम सामने आने से अब यह बात भी स्पष्ट हो गई थी कि हरविंदर की हत्या में कहीं ना कहीं उसी की पत्नी का हाथ था. पुलिस को शुरू से ही किरनपाल पर शक था. उसने अपने बयान में कहा था कि तीन लोग उसके घर आए थे और हरविंदर उनके साथ ढाबे पर शराब पीने गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी. यहीं से पुलिस वाले संशय की स्थिति में आ गए थे. वैसे भी किरणदीप के बयानों में काफी झोल था और वह बार- बार अपना ब्यान बदल भी रही थी. 
खिर  दिनांक 13 को पुलिस ने किरणदीप कौर को हिरासत में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि अपने प्रेमी संदीप के साथ मिलकर ही उसने अपने पति हरविंदर की हत्या को अंजाम दिया था. किरणदीप के अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आनन फानन उसी दिन किरणदीप को अदालत में पेश कर आगामी पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया था. किरणदीप की निशानदेही पर पुलिस ने  मारी गाँव से 37 वर्षीय माखन राम और 26 वर्षीय चमकौर सिंह और भैनी गांव से 26 वर्षीय जेमल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी किरणदीप कौर का प्रेमी संदीप पुलिस के हाथों से बचकर निकल गया था. उसे किरनदीप और बाकी लोगों के पकड़े जाने की खबर लग गई थी. इस हत्याकांड से जुड़े चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद आई.जी. बठिंडा जोन एम.एफ. फारूकी और एसएसपी डाक्टर नानक सिंह ने एक प्रेसवार्ता कर इस बात को स्पष्ट किया कि हरविंदर हत्याकांड में कोई भी राजनीतिक ऐंगल नहीं था. सीनियर 'आप' नेताओं ने हिन्दा की हत्या के मामले में पुलिस पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा था कि यह सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत की गई हत्या है.आप' ने इसी के साथ राज्य में निकाय चुनाव रद्द करने की मांग भी की थी और धरने प्रदर्शन कर माहौल खराब करने का भी प्रयास किया था. पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि किरनपाल ने छह महीने पहले भी अपने पति हरविंदर की हत्या की कोशिश की थी, लेकिन जिन लोगों से उसने मदद मांगी थी, उन्होंने हत्या करने से इनकार कर दिया था. पुलिस ने इस बात का भी खुलासा किया था कि किरनपाल के ड्राइवर संदीप कुमार के साथ अवैधसंबंध थे और वह उससे शादी करना चाहती थी. इस लिए उसने तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हरविंदर की हत्या के लिए 50-50 हजार रुपये दिए थे. पूछताछ में किरणपाल कौर ने स्वीकार किया था कि उसके संदीप कुमार बंटी निवासी बैहणीवाल के साथ अवैध संबंध थे. उसके साथ वह शादी करना चाहती थी. उसके पति को इसके बारे में पता चला गया जिस कारण घर में झगड़ा होने लगा था. घर में क्लेश दूर करने के लिए वह माड़ी निवासी तांत्रिक बाबा मक्खन राम के पास जाने लगी थी. इस दौरान उसके बाबा मक्खन राम से भी संबंध बन गए थे. उसने संदीप के कहने पर मक्खन बाबा से हरविंदर को मरवाने की बात की थी. बाबा ने अपने चेले चमकौर सिंह कौरी निवासी माड़ी व जैमल सिंह निवासी भैणी को 50-50 हजार रुपए का लालच देकर हरविंदर की हत्या करने के लिए तैयार कर लिया था.

गांववासियों  द्वारा थाने का घेराव 
साजिश के तहत किरणपाल कौर ने हरविंदर को अंडे की भुर्जी में नशीली दवा मिलाकर खिला दी थी. खाना खाने के बाद शराब और गोलियों के नशे से वह बेसुध हो गया था. उसके बेहोश होने पर किरणदीप कौर ने तीनों को फोन करके घर बुला लिया था. उन्होंने तकिये से मुंह बंद करके हरविंदर का कत्ल कर दिया. और बाद में हाकियों से वार कर उसे घायल कर दिया था. हत्या करने के बाद तीनों हत्यारे चुपचाप घर से निकल गए थे. योजना अनुसार सुबह उठकर किरणदीप ने हरविंदर की हत्या करने का शोर मचा दिया था. आरोपियों की निशानदेही पर मोटरसाइकिल व हॉकी भी पुलिस ने बरामद कर ली थी. 
प्रेसवार्ता के दौरान ही एसएसपी डाक्टर नानक सिंह ने बताया था कि पोलिस को शुरू से ही यह बात हजम नहीं हो रही थी कि मात्र तीन लोगों ने हरविंदर जैसे आदमी की हत्या की होगी. क्योंकि हरविंदर कबड्डी का राष्ट्रीय खिलाड़ी था, इसलिए वह आधा दर्जन लोगों पर भी भारी था. पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी पत्नी ने पुलिस को झूठा बयान दिया और पुलिस ने प्रत्येक ऐंगल से इसकी जांच शुरू कर दी. इसी दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसे ठोस सुराग मिले जिससे शक की सूई उसकी पत्नी किरनपाल की ओर पूरी तरह से घूम गई थी. किरणदीप और उसके प्रेमी संदीप ने हरविंदर की हत्या के लिए बड़ा उचित समय चुना था. उन्हें इस बात की पूरी उमीद थी कि चुनाव के दिनों में हरविंदर की  हत्या को राजनीतिक हत्या कहा जायेगा और उनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा पायेगा. पर किरणदीप के बार-बार ब्यान बदलने से सारा खेल खुल गया था.
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद इस हत्याकांड से जुड़े चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहाँ से अदालत के आदेश पर सभी को जिला जेल भेज दिया गया था. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी मास्टर माइंड किरणदीप कौर के प्रेमी संदीप की पोलिस बड़ी सरगर्मी से तलाश कर रही है.
( पुलिस सूत्रों पर आधारित कथा का नाट्य रुपान्तरण )
--साहिल कपूर


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Milan Tomic

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