*मुझे भी मार दो*
अवैध सम्बन्धों का ऐसा ही घातक परिणाम होता है ...?
अवैध सम्बन्धों का ऐसा ही घातक परिणाम होता है ...?
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| प्रतीक चित्र सरिता |
‘’मैं अधिक कुछ नहीं जानती , यदि तुम
मुझे अपने साथ नही रख सकते तो जैसे मेरे पति की तुम ने ह्त्या की है वैसे मेरी भी
कर दो,’’
‘’सोच लो फिर मुझे कुछ
मत कहना ‘’
‘’इस में मुझे क्या
सोचना है जो सोचना है तुम्हें ही सोचना है ‘’
‘’तो ठीक है तुम्हारी
यह इच्छा भी पूरी कर देता हूँ ‘’ यह कहने के साथ ही शम्भु न कुल्हाड़ी मार कर रामवती को मौत के घाट उतार कर
उसकी इहलीला खत्म का दी थी !
पाठक प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ते हों
गे ,कोई एक दिन खाली नहीं जाता जिस
दिन अवैध सम्बन्धों के कारण हुई हत्याओं की दो-चार खबरें प्रकाशित ना हुई हों खबर
के अंत में यह भी पता चलता है कि पति की ह्त्या के अपराध में फलां युवती अपने
प्रेमी के साथ पुलिस हिरासत में ! रोज-रोज ऐसे समाचार पढ़ कर भी लोग इस बात पर तनिक
विचार नही करते हैं कि जब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ही लेना है तो किसी की
ह्त्या जैसा अपराध क्यों करना ? पर नही एक झूठ छुपाने के
लिये अपनी परम्परा अनुसार लाख झूठ तो बोलनें ही हैं !
प्रस्तुत मामले में पूरा समाचार कुछ
इस प्रकार है !
पत्नी को अपने दोस्त शंभू के साथ
रामसिंह ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और इस बात को लेकर शुरू हुआ विवाद चार
लोगों की हत्या का कारण बना. रामसिंह इस घटना के बाद अपनी पत्नी को साथ रखने तैयार
नहीं था. रात को विवाद हुआ तो रामसिंह की पत्नी रामवती ने शंभू को बुला लिया और
पत्नी के सामने ही रामसिंह की हत्या उसने कर दी.
इस घटना के बाद रामवती यह जिद करने लगी कि उसे वह अपने साथ रखे या फिर उसे भी मार डाले. शंभू पहले से शादीशुदा था, इसलिए रामवती को साथ नहीं ले जाना चाहता था और उसने उसे भी मौत के घाट उतार दिया. बच्चे जाग गए तो उसे लगा कि अब उसकी करतूत उजागर हो जाएगी, इसलिए दोनों मासूम बच्चों को भी मार डाला. एक अपराध छुपाने के लिए पूरे परिवार की हत्या. यह कहाँ का न्याय है. पसान थाना के लोकड़हा गांव के झिंझीबास मोहल्ला में रहने वाले रामसिंह (30), पत्नी रामवती (28), पुत्री लीलावती (7) व पुत्र शिवशंकर (3) की लाश घर के बाहर आंगन में पड़ी थी.
इस घटना के बाद रामवती यह जिद करने लगी कि उसे वह अपने साथ रखे या फिर उसे भी मार डाले. शंभू पहले से शादीशुदा था, इसलिए रामवती को साथ नहीं ले जाना चाहता था और उसने उसे भी मौत के घाट उतार दिया. बच्चे जाग गए तो उसे लगा कि अब उसकी करतूत उजागर हो जाएगी, इसलिए दोनों मासूम बच्चों को भी मार डाला. एक अपराध छुपाने के लिए पूरे परिवार की हत्या. यह कहाँ का न्याय है. पसान थाना के लोकड़हा गांव के झिंझीबास मोहल्ला में रहने वाले रामसिंह (30), पत्नी रामवती (28), पुत्री लीलावती (7) व पुत्र शिवशंकर (3) की लाश घर के बाहर आंगन में पड़ी थी.
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| प्रतीक चित्र |
सोमवार को बकरी चराने वाले जजमान सिंह पानी प्यास लगने पर रामसिंह
के घर पहुंचा तो सबसे पहले उसे इस घटना की जानकारी हुई. इसके बाद से अंधेकत्ल के
इस मामले को पुलिस सुलझाने में लगी थी.
पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने घटनाक्रम की जो जानकारी दी है, उसके अनुसार रामसिंह के घर के पास ही शंभू सिंह पिता जयराम सिंह (35)
रहता है. उसकी रामसिंह से मित्रता थी और घर पर आना-जाना था.
इस बीच रामवती व शंभू सिंह के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गया. करीब 3
साल से चल रहे इस रिश्ते का खुलासा उस वक्त हो गया, जब 4 जून को ग्राम तुलबुल जाने निकला रामसिंह अचानक
वापिस घर पहुंच गया और अपनी पत्नी को शंभू सिंह के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख
लिया.
पति के नहीं रहने पर रामवती ने दोपहर को शंभू को मोबाइल में संपर्क
कर बुलाया था वह अक्सर पति की गैर मोजूदगी में अपने
प्रेमी को घर बुला कर अपनी हवस बुझया करती थी उसदिन भी यही हुआ था. पहले तो मौके पर ही शंभू व रामसिंह के बीच हाथापाई हुई और किसी तरह शंभू
मौके से भाग निकला. इधर रामसिंह और पत्नी के बीच विवाद होने लगा.
पुलिस का कहना है कि 4 जून की रात करीब 9 बजे दोनों के बीच फिर से इसी बात
को लेकर विवाद हुआ. रामवती ने मोबाइल पर संपर्क कर शंभू को बुला लिया. गुस्साए
शंभू कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और आव देखा न ताव, सीधे रामसिंह
की गर्दन पर कुल्हाड़ी दे मारा और उसे मौत के घाट उतार दिया. तब तक नजदीक में ही सो
रहे दोनों बच्चों शोर शराबा सुन कर जाग गये थे पर उनको को इस घटना की भनक नहीं लगी थी.
घटना के बाद रामवती उस पर अपने साथ रखने का दबाव बनाने लगी. शंभू पहले से विवाहित होने के साथ –साथ दो बच्चों का
बाप भी था, सो उसने रामवती को समझाने की कोशिश की,
पर वह नहीं मानी और कहने लगी मेरे पति को तो मार ही डाले हो,
अब मुझे अपने साथ ले चलो या मुझे भी मार डालो.
शंभू ने कुल्हाड़ी से उसके भी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया और मौके
पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई. इस बीच शोरगुल सुन दोनों बच्चे लीलावती व शिवशंकर
उठ गए. शंभू को लगा कि अब उसकी पोल खुल जाएगी और वह सलाखों के पीछे चला जाएगा. इस
घटना का कोई चश्मदीद गवाह न रहे, यह सोच दोनों मासूम बच्चों
को भी मौत के घाट उतार दिया.
एक साथ चार हत्या करने के बाद रविवार की रात को आरोपी शंभू खून से सना कुल्हाड़ी अपने साथ लेकर चला गया. बताया जा रहा है कि रात को वह अपने घर में रहा. दूसरे दिन सोमवार को पुलिस की कार्रवाई पर नजर रखता रहा था मंगलवार को वह दबाव में आ गया और पकड़े जाने के भय से जंगल में भटकता रहा. इस बीच साक्ष्य मिटाने के लिहाज से उसने खून से सन्नी कुल्हाड़ी को पानी से धो दिया और जंगल में पेड़ के नीचे पत्थरों के बीच दबा दिया था. पुलिस ने काफी मशक्त के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था और आरोपी शंभू की निशानदेही पर जंगल से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को बरामद करने की कार्रवाई की है. एक दिन पहले ही रामसिंह बकरा बेचकर 51 सौ रुपए लाया था, जिसे घर में अटैची में रखा था. चारों की हत्या करने के बाद शंभू सिंह इस मामले को लूट का स्वरूप दिखाने के लिये अपने साथ नकद रुपए व मोबाइल ले गया. पुलिस आरोपी को लेकर उसके घर पहुंची. यहां उसने वह स्थल दिखाया जहां रुपए व मोबाइल को पेटी के नीचे छुपाकर रखा था. पुलिस ने गवाहों के बीच रुपए व मोबाइल जब्त करने की कार्रवाई की. हत्याकांड की जांच में लगी पुलिस को पता चला कि शंभू सिंह मरावी को रामसिंह के घर दोपहर को देखा गया था. इसके बाद से शंभू सिंह से पूछताछ करने पुलिस उसे तलाश रही थी, पर वह लापता हो गया था। उसकी पत्नी भी गोलमोल जवाब दे रही थी, इससे पुलिस का संदेह और गहरा गया. 6 जून की रात को वह घर आया और साइकिल लेकर पुनः भागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन निगरानी में लगी पुलिस ने उसे धर दबोचा. पहले तो वह ना-नुकर करता रहा, पर थोड़ी देर में अपराध स्वीकार कर पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी. पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने बताया कि इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल व सीएसपी सुखनंदन राठौर पसान में रात को डेरा डाले रहे. यातायात प्रभारी एसएस पटेल, पसान थाना प्रभारी एसएस पैकरा, सीआईटी टीम के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ध्रुव की महत्व भूमिका रही. पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा.
एक साथ चार हत्या करने के बाद रविवार की रात को आरोपी शंभू खून से सना कुल्हाड़ी अपने साथ लेकर चला गया. बताया जा रहा है कि रात को वह अपने घर में रहा. दूसरे दिन सोमवार को पुलिस की कार्रवाई पर नजर रखता रहा था मंगलवार को वह दबाव में आ गया और पकड़े जाने के भय से जंगल में भटकता रहा. इस बीच साक्ष्य मिटाने के लिहाज से उसने खून से सन्नी कुल्हाड़ी को पानी से धो दिया और जंगल में पेड़ के नीचे पत्थरों के बीच दबा दिया था. पुलिस ने काफी मशक्त के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था और आरोपी शंभू की निशानदेही पर जंगल से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को बरामद करने की कार्रवाई की है. एक दिन पहले ही रामसिंह बकरा बेचकर 51 सौ रुपए लाया था, जिसे घर में अटैची में रखा था. चारों की हत्या करने के बाद शंभू सिंह इस मामले को लूट का स्वरूप दिखाने के लिये अपने साथ नकद रुपए व मोबाइल ले गया. पुलिस आरोपी को लेकर उसके घर पहुंची. यहां उसने वह स्थल दिखाया जहां रुपए व मोबाइल को पेटी के नीचे छुपाकर रखा था. पुलिस ने गवाहों के बीच रुपए व मोबाइल जब्त करने की कार्रवाई की. हत्याकांड की जांच में लगी पुलिस को पता चला कि शंभू सिंह मरावी को रामसिंह के घर दोपहर को देखा गया था. इसके बाद से शंभू सिंह से पूछताछ करने पुलिस उसे तलाश रही थी, पर वह लापता हो गया था। उसकी पत्नी भी गोलमोल जवाब दे रही थी, इससे पुलिस का संदेह और गहरा गया. 6 जून की रात को वह घर आया और साइकिल लेकर पुनः भागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन निगरानी में लगी पुलिस ने उसे धर दबोचा. पहले तो वह ना-नुकर करता रहा, पर थोड़ी देर में अपराध स्वीकार कर पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी. पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने बताया कि इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल व सीएसपी सुखनंदन राठौर पसान में रात को डेरा डाले रहे. यातायात प्रभारी एसएस पटेल, पसान थाना प्रभारी एसएस पैकरा, सीआईटी टीम के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ध्रुव की महत्व भूमिका रही. पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा.
(सभार- नई दुनिया –जागरण)
प्रस्तुती- हरमिंदर कपूर


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