मौत
का इंजेक्शन
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पूछताछ में ओंकार सिंह ने अपनी पत्नी और 6
वर्षीय बेटी जसलीन कौर की ह्त्या करने का अपराध स्वीकार करते हुए ह्त्या करने का
जो तरीका बतया उसे सुन कर सभी दंग रह गये थे. ओंकार सिंह ने अपनी पत्नी और बेटी की ह्त्या के लिये जिस हथियार
का इस्तेमाल किया था उसकी कोई कल्पना भी नही कर सकता था पर डाक्टरों की नज़र से यह
बात छुपी ना रह सकी थी और ओंकार सिंह सलाखों के पीछे जा पहुंचा.
‘’पापाजी ,अमनदीप कौर उठ नहीं रही है शायद गर्मी
की वजह है मैं उसे लेकर अस्पताल जा रहा हूँ आप भी जल्दी पहुँचो!’’ ओंकार सिंह ने जल्दबाजी में यह बात
अपने ससुर स्वर्ण सिंह को फोन पर बताई थी, दूसरी ओर से स्वर्ण सिंह ने हैरानी से पूछा था !’’बेटा ऐसी क्या बात हुई ,ना सतश्री अकाल की और तुम इतने घबराए
हुए क्यों हो ?’’लेकिन तबतक ओंकार सिंह फोन काट चुका
था!
राष्ट्रीय
राजमार्ग 1 पर जालंधर से लगभग 20-22 किलोमीटर पहले जालंधर की तहसील है नकोदर
!ओंकार सिंह नकोदर अंतर्गत गाँव मुधा के निवासी हैं और कांग्रस के सक्रीय
कार्यकर्ता हैं ,गाँव मुधा से वह दो बार सरपंच का चुनाव
जीत कर सरपंच रह चुके हैं अमनदीप कौर उन्हीं की 27 वर्षीय पत्नी का नाम है ! ओंकार
सिंह का मुख्य व्यवसाय खेती व् डेयरी का है ,कई बीघा उपजाऊ भूमि होने के कारण वह क्षेत्र के बढ़े जमींदार गिने
जाते हैं खेती के आलावा उन के पास कई भेंस हैं!सुबह 5 बजे उठ कर वह खेतों पर चक्कर
लगाने के और दूध की डेरी पर हो आने के बाद लगभग 9 बजे तक वह वापिस अपने घर लोटा
करते थे आज जब वह वापिस घर पहुंचे तो देखा कि उनकी पत्नी अमनदीप कौर अपने कमरे में
बेहोश थी .उन्होंने घबरा कर नब्ज टटोली जो कि बहुत धीमी चल रही थी ,घबरा कर उन्होंने अपने ससुर को मोगा
फोन दुआरा यह सुचना दी और पत्नी को अपनी कार में डाल कर पास के निजी अस्पताल ले
गये पर डाक्टरों ने अमनदीप कौर का निरीक्षण करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था
इतना ही नही अपने संदेह के आधार पर डाक्टरों ने चुपचाप इस बात की खबर फोन दुआरा
थाना सदर नकोदर पुलिस को भी दे दी थी !
ओंकार
सिंह ने अपने ससुर स्वर्ण सिंह को फोन पर जो खबर दी थी वह अधूरी थी दरअसल अकेली
अमनदीप कौर ही अपने कमरे में बेहोश नही थी उसके साथ ओंकार सिंह की 6 वर्षीय बेटी
जसलीन कौर भी बेहोश थी अमनदीप कौर के साथ-साथ उसे भी अस्पताल लाया गया था डाक्टरों
ने उसे भी मृत करार दिया था और इसी कारण उन्होंने पुलिस को सुचना दी थी क्योकि
ओंकार सिंह से वे लोग सीधे-सीधे सवाल नही कर सकते थे ,ओंकार सिंह का अपने क्षेत्र में काफी
दबदबा था आखिर वह पूर्व सरपंच था
पुलिस
को सुचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी परमजीत सिंह अपने दलबल सहित अस्पताल पहुंच गये
थे, उन्होंने दोनों लाशो को अपने कब्जे में
लेकर ओंकार सिंह से पूछताछ करने शुरू कर दी थी ! ओंकार सिंह ने पुलिस को भी यही
बताया था की रात को सोते समय किसी वक्त वह दोनों गर्मी के कारण बेहोश हो गई हो गी
उसे इस बात का इलम नही क्योकि वह सुबह उठकर अपने खेतों पर चला गया था जब वह घर आया
तो दोनों को इस हाल में देख कर अस्पताल ले आया था
थाना
प्रभारी परमजीत सिंह अभी पूछताछ कर ही रहे थे की डी एस पी नकोदर डॉ मुकेश कुमार भी
अस्पताल पहुंच गये थे और कुछ समय बाद ओंकार सिंह के ससुर सरवन सिंह भी वही पर आ
गये थे वह अपनी बेटी की दुर्दिशा और म्रत्यु का सुन कर घबरा कर रोने लगे और अपने
दामाद पर आरोप लगते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरी और अपनी बच्ची की ह्त्या इसी
दरिन्दे ने ही की है ! सरवन सिंह की बात सुन परमजीत सिंह ने चोंक कर पूछा – क्या मतलब तुम्हारा यह बच्ची आप की
दोहती नही है?
‘’नही साहब यह बच्ची तो इसकी पहली पत्नी
से है , मेरी बेटी अमनदीप कौर के साथ इसकी
दूसरी शादी है !’’
अस्पताल
के डाक्टरों ने बताया कि अमनदीप कौर के शरीर पर जगह-जगह इंजेक्शन लगाये जाने के
निशान है और इसी बात से हमे संदेह हुआ था ! स्वर्ण सिंह के ओंकार पर आरोप लगाये
जाने के बाद डीएसपी- डॉ मुकेश कुमार के आदेश पर परमजीत सिंह ने स्वर्ण सिंह के
बयानों के आधार पर तुरंत ओंकार सिंह कर विरुद्ध अपराध संख्या 193 पर ह्त्या की
धारा-302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे तत्काल अपनी हिरासत में ले लिया था यह बात 3 जुलाई
2017 की है अगले दिन 4 तारीख को ओंकार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड
पर लिया गया था लाशों को पोस्टमार्टम के लिए सिवल अस्पताल भेजा गया वहां डाक्टर
अंजू गुप्ता की देखरेख में तीन डाक्टरों के पेनल ने लाशों का
पोस्मार्टम किया था और अपनी रिपोर्ट में उन्हों ने बताया था की लाशों के शरीर पर
इंजक्शन लगने के दर्जनों निशान थे और उनकी मोत ओवर डोज के कर्ण ही हुई थी
रिमांड
के दोरान ओंकार सिंह से हुई पूछताछ में उस ने अपनी पत्नी और 6 वर्षीय बेटी जसलीन
कौर की ह्त्या करने का अपराध स्वीकार करते हुए ह्त्या करने का जो तरीका बतया उसे
सुन कर सभी दंग रह गये थे इस तरीके से ओंकार की अपराधिक मानसिकता का स्पष्ट पता
चलता था यदि समय रहते उसे काबू ना किया जाता तो किसी को बताए बिना ही वह दोनों का
अंतिम संस्कार कर देता !
ओंकार
सिंह के पिता सरदार बलदेव सिंह अपने गाँव के प्रतिष्ट जमीदार थे वे सज्जन इन्सान
थे कई वर्ष पहले वह अपनी पत्नी और बेटों के साथ कनेडा जा कर बस गये थे ओंकार सिंह
ने वहां सेटल होने से इस लिये मना कर दिया था इस के दो कारण थे पहला यह की इतनी
जमीन –जायदाद की देख भाल करना और दूसरा कारण
था ओंकार का अपना राजनीतिक कैरियर ! वह यह सब छोड़ कर वह खुद नही जाना चाहता था
बहरहाल लगभग 7 वर्ष पहले बलदेव सिंह ने कनाडा से आ कर
ओंकार सिंह की शादी अपनी एक परिचित की बेटी के साथ कर दी थी ,समय-समय पर बलदेव सिंह का परिवार पंजाब
आया-जाया करता था और ओंकार भी कनाडा चला जाया करता था
शादी
के बाद ओंकार सिंह की अपनी पत्नी के साथ ठीक बनी रही थी पर कुछ समय बाद दोनों के
बीच झगड़े शुरू हो गये थे फिर भी एक वर्ष बाद उनके घर बेटी ने जन्म लिया था जिस का
नाम जसलीन कौर रखा गया था बेटी के जन्म के बाद आपसी झगड़े
पुलिस अधिकारी प्रेस वार्ता के समय
इतने
बढ़ गये की पति-पत्नी को तलाक लेना पड़ा था ! इसके बाद आज से डेढ़ वर्ष पहले बलदेव सिंह ने कनाडा से आ कर
ओंकार की शदी जिला मोगा अंतर्गत गाव दोबुर्जी –धर्मकोट निवासी स्वरण सिंह की पुत्री
अमनदीप कौर के साथ कर दी थी लेकिन इस बार भी मामला पहले की तरह था शादी के कुछ समय
बाद ही दोनों में झगड़े होने लगे थे !इन दिनों अमनदीप कौर 6 माह की गर्भवती थी ओंकार उसपर दबाव
डालता था की वह अबोर्शन करवा ले ! दरअसल ओंकार बेवजह अमनदीप पर संदेह किया करता था
की उसके किसी अन्य के साथ अवैध सम्बन्ध है जबकि हकीकत इसके बिलकुल विपरीत थी अमनदीप कौर बहुत नेक-शरीफ लड़की थी पाठ
करना गुरद्वारे जाना यही दिनचर्या थी उसकी !अमनदीप कौर का इन दिनों इलाज चल रहा था
वह इलाज उसके पिता सरवन सिंह करवा रहे थे वह 15-20 दिनों में मायके जय करती थी इस कारण भी
ओंकार को बहुत तकलीफ हुआ करती थी वह यह सोचा करता था की वह मायके अपने किसी यार को
मिने जाती है इस बार उसने 4 जुलाई को चेकअप के लिये जाना था डाक्टर ने उसे मल्टी विटामिन के
इंजेक्शन लगवाने के लिये कह रखा था तो यह सुन कर ओंकार ने तुरंत एक खतरनाक योजना
बना डाली थी उसने अमनदीप कौर को अपने घर में खुद ही इंजक्शन लगाने शुरू कर दिये थे
वह बताता तो यही था की मल्टीविटामिन के इंजेक्शन लगा रहा है जबकि हकीकत यह थी वह
अमनदीप कौर को जाइलजाईम हाइड्रोक्लोराइड के इंजेक्शन लगाया करता था यह इंजेक्शन
जानवरों खास कर भेंसों को इस लिये लगाये जाते है की वेह दूध अधिक दें !इसके अलावा
इस इंजेक्शन में अधिक मात्रा में नशा होने के साथ यह बेहद जेहरीला होता है !
अमनदीप
कौर की ह्त्या करने की योजना ओंकार सिंह पिछले 1 वर्ष से कर रहा था इसी सिलसले में वह
पिछले महीने अमनदीप कौर और बेटी जसलीन को घुमाने के बहाने हिमाचल ले गया था उसका
इरादा दोनों की ह्त्या कर वह लाशें वहीं फैंक कर आ जाए गा पर देवयोग से उसे वह
ह्त्या करने का अवसर ही नही मिला था इस लिये जब बात मल्टी विटामिन के इंजेक्शन
लगाने की बात चली तो उसने तुरंत अपनी नयी योजना बना डाली थी !अमनदीप कौर और जसलीन
की ह्त्या करने का एक कारण यह भी था की वह इन सब झमेलों से निपट कर कनाडा जाकर
बसना चाहता था इस लिये घटना वाली रात उसने दोनों को ओवर डोज के इंजेक्शन लगा दिये
थे और वे दोनों नींद में ही इस संसार को अलविदा कह गई थी
पुलिस
ने वह सीरिंज व भरे हुए इंजेक्शन भी ओंकार की निशानदेही पर बरामद कर लये थे तथा
रिमांड अवधि समापत होने के बाद दिनांक 6 जुलाई को उसे अदालत में पेश किया जहा अदालत के आदेश पर उसे जिला जेल
भेज दिया गया था.
(पुलिस
सूत्रों पर आधारित कथा का नाट्य रुपान्तरण)
-साहिल
कपूर




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